मौलिक और शोध क्षेत्र में मिनी कहानी के विकास की भरपूर संभावनाएँ मौजूद – डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी’
अध्यक्ष मंडल में भगवान दास गुप्ता, डॉ. दर्शन सिंह ‘आष्ट’, डॉ. हरप्रीत सिंह राणा, सुखदेव सिंह शांत, सीमा वर्मा और बीर इंदर सिंह बनभौरी शामिल रहे।
पटियाला, 11 मार्च 2026: पंजाबी साहित्य सभा (रजि.) पटियाला द्वारा केंद्रीय पंजाबी मिनी कहानी लेखक मंच के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तथा सभा के सरंक्षक डॉ. गुरबचन सिंह राही की स्मृति को समर्पित एक विशाल साहित्यिक कार्यक्रम भाषा विभाग, पंजाब, शेरांवाला गेट, पटियाला में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के पंजाबी विभाग एवं प्रो. गुरदयाल सिंह चेयर की प्रमुख डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी’ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मिनी कहानी लेखक बीर इंदर सिंह बनभौरी उपस्थित थे।
अध्यक्ष मंडल में सभा के अध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह ‘आष्ट’, केंद्रीय पंजाबी मिनी कहानी लेखक मंच के अध्यक्ष डॉ. हरप्रीत सिंह राणा, समाजसेवी भगवान दास गुप्ता तथा मिनी कहानी लेखिका सीमा वर्मा (लुधियाना) शामिल रहे।
इस अवसर पर मिनी कहानी लेखक रघबीर सिंह महिमी को 26वें ‘माता मान कौर मिनी कहानी स्मृति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के तहत उन्हें नकद राशि के साथ शॉल और कलमों का जोड़ा भेंट किया गया। उनकी मिनी कहानी कला पर साहित्यकार सुखदेव सिंह शांत ने एक भावपूर्ण लेख प्रस्तुत किया, जबकि सम्मान पत्र बलबीर सिंह दिलदार ने पढ़ा। कार्यक्रम के जनरल सचिव दविंदर पटियालवी ने इस सम्मान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. दर्शन सिंह आष्ट ने उपस्थित लेखकों और मेहमानों का स्वागत किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी’ ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों में मौलिक लेखन और शोध के संदर्भ में मिनी कहानी के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। यह विधा कम शब्दों में अत्यधिक ऊर्जा के साथ अपने उद्देश्य को व्यक्त करने में सक्षम है।
डॉ. हरप्रीत सिंह राणा ने कहा कि वे अपनी माता की स्मृति में पिछले 26 वर्षों से मिनी कहानी लेखकों को यह पुरस्कार प्रदान कर रहे हैं और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि इस विधा के साथ लेखकों का एक मजबूत समूह जुड़ चुका है।
मुख्य अतिथि बीर इंदर सिंह बनभौरी ने कहा कि साहित्य सभा और मिनी कहानी लेखक मंच के ऐसे संयुक्त प्रयास पंजाबी मातृभाषा के निरंतर विकास के प्रतीक हैं। भगवान दास गुप्ता ने कहा कि साहित्य समाज को चेतना का प्रकाश प्रदान करता है।
इस अवसर पर सीमा वर्मा, डॉ. जगजीत सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों और कुलवंत सिंह नारीके ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में रघबीर सिंह महिमी ने सम्मान के लिए सभा और मंच का आभार व्यक्त करते हुए अपनी रचना प्रक्रिया पर चर्चा की।
कार्यक्रम में निर्मला गर्ग (लहरागागा), सतनाम चौहान, अमर गर्ग ‘कलमदान’ (धूरी), जगतार सिंह शहरी (यूके), नायब सिंह बदेशा, सतनाम सिंह मट्टू, अनहद कौर, बचन सिंह गुरम, काजल गोयल, जोगा सिंह पंजाबी, करमजीत कौर बग्गा, कुलविंदर कुमार बहादुरगढ़, जग्गा रंगूवाल, एडवोकेट गुरदर्शन सिंह गुसील सहित अनेक साहित्यकारों ने विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
इस समारोह में अमरजीत सिंह वालिया, अमृतपाल सिंह शैदा, गुरचरण सिंह पब्बाराली, हरबंस सिंह मानकपुरी, रणजीत कौर आंसू, मास्टर हरदेव सिंह प्रीत (पातड़ां), बलविंदर कौर सोनिया, किरणदीप कौर, हरदीप सिंह भट्टी, तेजिंदर सिंह अंजाना, एस.एन. चौधरी, सुखदेव सिंह चहल, बलदेव सिंह बिंदरा (चंडीगढ़), राजेश्वर कुमार, पूर्व डीएसपी नाहर सिंह, जैमल, एम.एस. जग्गी, कुलदीप पटियालवी, जसवंत कौर, अर्शदीप सिंह, रंगकर्मी गोपाल शर्मा, बजिंदर ठाकुर, राजेश कोटिया, सुखविंदर कौर, लक्षदीप कौर, दलजीत कौर, नमनप्रीत कौर, कामरेड सुरजीत सिंह, अमरजीत सिंह, सुरिंदर कौर, कुलदीप कौर, विजय कुमार और दीवांशु वर्मा सहित बड़ी संख्या में लेखक और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
मंच संचालन मिनी कहानी लेखक दविंदर पटियालवी ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। कृष्ण लाल धीमान ने अपनी सुंदर हस्तकला के नमूने अतिथियों को भेंट किए, जबकि अंत में सतनाम सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
समारोह के अंत में सभा के सरंक्षक डॉ. गुरबचन सिंह राही की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।
फोटो कैप्शन:
रघबीर सिंह महिमी को 26वें माता मान कौर स्मृति मिनी कहानी पुरस्कार से सम्मानित करते हुए डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी’, डॉ. हरप्रीत सिंह राणा, डॉ. दर्शन सिंह ‘आष्ट’, बीर इंदर सिंह बनभौरी, भगवान दास गुप्ता, सीमा वर्मा, सुखदेव सिंह शांत, दविंदर पटियालवी, बलबीर सिंह दिलदार, डॉ. जगजीत सिंह और सतनाम सिंह।
दविंदर पटियालवी
जनरल सचिव
पंजाबी साहित्य सभा, पटियाला।






