नई दिल्ली, 10 मार्च 2026: देश में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी आने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। यह कदम ईरान में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है, ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न हो।
सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वाणिज्यिक सिलेंडरों की तुलना में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कुछ क्षेत्रों में गैस की 100 प्रतिशत आपूर्ति जारी रखी जाएगी और उसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।
इन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी और अन्य पाइपलाइन सेवाएं शामिल हैं। आदेश के अनुसार, उर्वरक संयंत्रों को उनकी मौजूदा गैस आपूर्ति का 70 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं चाय उद्योग, निर्माण क्षेत्र और अन्य औद्योगिक इकाइयों को उनके कोटे का लगभग 80 प्रतिशत गैस मिलती रहेगी।
गैस वितरण कंपनियों को भी वाणिज्यिक और औद्योगिक जरूरतों के लिए गैस आपूर्ति का 80 प्रतिशत तक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा रिफाइनिंग कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु रखने के लिए कहा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी और इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाएगा। उत्पादन से लेकर परिवहन तक किसी भी स्तर पर कमी न आने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।






