पटियाला, 13 नवंबर: हाल ही में पंजाब सरकार द्वारा राइस मिलर्स के लिए लागू की गई एकमुश्त निपटान योजना 2025 (One-Time Settlement Scheme 2025) का लाभ अब ऐसे कई मिलर्स उठा रहे हैं, जिनके कानूनी या सिविल मामले कई पीढ़ियों से लंबित चल रहे थे।
इस संबंध में PUNSUP जिला मैनेजर बंदीप सिंह कालेका ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत मैसर्स विशाल राइस मिल, समाना (फसल वर्ष 2010-11) का मामला निपटाया गया है और आज इस मिल के मालिकों/हिस्सेदारों को “कोई बकाया नहीं” प्रमाणपत्र (No Dues Certificate) प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह केस लगभग 15 सालों से लंबित था। अब इस मिल को डिफॉल्टरों की सूची से हटा दिया जाएगा, और यह मिल सरकारी धान की मिलिंग के लिए फिर से पात्र होगी। इस प्रक्रिया में कुल 30,715 रुपये की राशि का भुगतान किया गया है, जो पंजाब सरकार के खजाने में जमा करा दी जाएगी।
इस योजना का लाभ उठाने वाले मिलर संजय कुमार ने अपने केस के निपटारे के बाद खुशी जताई और कहा कि यह योजना उनके लिए बहुत लाभदायक साबित हुई है। केस चलने के दौरान वे अपनी मिल भी संचालित नहीं कर पा रहे थे, जिससे उनका काफी पैसा और समय बर्बाद हो रहा था।
जिला मैनेजर श्री बंदीप सिंह कालेका ने बताया कि इस योजना के तहत निपटान के लिए राइस मिलर [https://anaajkharid.in](https://anaajkharid.in) पर जाकर “अन्नाज खरीद पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए उक्त वेबसाइट के अलावा PUNSUP जिला कार्यालयों या मुख्य कार्यालय में स्थापित सहायता डेस्क से संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इन मामलों के कारण जहाँ मिलर्स को अव्यवस्था और परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं पंजाब सरकार की खरीद एजेंसियों को भी इन मुकदमों की पैरवी में अपने संसाधन खर्च करने पड़ते थे। राइस मिलर्स के लिए लाई गई यह नई नीति सरल और लाभदायक है, जिसके चलते इस योजना में मिलर्स की भागीदारी पहले की योजनाओं की तुलना में कहीं अधिक देखी जा रही है।






