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मानवाधिकार जागरूकता के लिए घर-घर तक पहुंच बना रहा आयोग : पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी

पटियाला, 1 मार्च 2026: पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मानवाधिकार आयोग (PSHRC) के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने आज पटियाला में मानवाधिकार जागरूकता और लोगों की शिकायतों के निवारण संबंधी एक खुली सुनवाई शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरे राज्य में घर-घर तक पहुंच बना रहा है।

पद्मश्री शंटी ने मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने हेतु आयोग का व्हाट्सएप नंबर 9855475547 जारी करते हुए कहा कि यदि कहीं भी मानवाधिकारों का हनन होता है तो संबंधित व्यक्ति आयोग को लिखित शिकायत दे, जिस पर दो दिनों के भीतर निश्चित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया की ओर से एडीसी (शहरी विकास) नवरीत कौर सेखों, एसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा, केंद्रीय जेल अधीक्षक गुरचरण सिंह धालीवाल, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, बिजली विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों तथा सामाजिक संस्थाओं (एनजीओ) के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक भी की और पीड़ितों की शिकायतें सुनीं।

इस मौके पर शंटी ने बताया कि आयोग द्वारा राज्य के सभी जिलों में 15 सदस्यीय कोर ग्रुप गठित किए जा रहे हैं, जिनमें सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल कर प्रत्येक जिले में आयोग की शाखा स्थापित की जाएगी, ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि पंजाब इस प्रकार के कोर ग्रुप बनाने वाला देश का पहला आयोग बनने जा रहा है।

इससे पूर्व उन्होंने सरकारी राजिंद्रा अस्पताल का औचक निरीक्षण कर वहां आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल बिल का भुगतान न होने की स्थिति में मरीज या मृतक का शव नहीं रोक सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक अस्पताल में उपयुक्त शवगृह सुविधा एवं एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया कि लावारिस या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के अंतिम संस्कार/दफन के लिए सहायता सुनिश्चित करने के भी आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही गांवों में शवों के संरक्षण हेतु मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध करवाने, सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, जूते, दस्ताने, सैनिटाइज़र तथा बीमा सुविधा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

शंटी ने कहा कि 1947 के विभाजन, भोपाल गैस त्रासदी तथा 1984 के सिख दंगों के दौरान मानवाधिकार आयोग की अनुपस्थिति के कारण पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

फोटो कैप्शन: पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी जिला प्रशासनिक परिसर, पटियाला में मानवाधिकार जागरूकता एवं शिकायत सुनवाई हेतु आयोजित जनसम्मेलन में भाग लेते हुए।

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