सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
भारत, 22 फरवरी 2026: भारत और Nepal के वरिष्ठ अधिकारियों ने आगामी नेपाली संसदीय चुनावों के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सीमा पार अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
चुनाव के दौरान सख्त सुरक्षा व्यवस्था
बैठक में सबसे अहम फैसला नेपाल में प्रस्तावित संसदीय चुनावों को लेकर लिया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को 2 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से 5 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक पूरी तरह सील किया जाएगा। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संदिग्ध गतिविधियों, अवैध घुसपैठ और सुरक्षा जोखिमों को कम करना है।
बिराटनगर में हुई बैठक
नेपाल के मोरंग जिले के बिराटनगर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता युवराज कट्टेल ने की। बैठक में दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक और सुरक्षा प्रमुखों ने भाग लिया। भारतीय पक्ष से बिहार के सुपौल, किशनगंज और अररिया जिलों के जिला अधिकारी शामिल हुए, जबकि नेपाली पक्ष से मोरंग, झापा और सुनसरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और राष्ट्रीय जांच विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अपराध और तस्करी पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में चुनाव सुरक्षा के साथ-साथ दीर्घकालिक सुरक्षा मुद्दों पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, नकली भारतीय मुद्रा (FICN) नेटवर्क तथा महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी जैसे अपराधों पर सख्त निगरानी रखने पर सहमति जताई।
इसके अलावा ‘नो मैन्स लैंड’ (दशगजा क्षेत्र) में बढ़ते अतिक्रमण की जांच और अनधिकृत मार्गों से आवागमन पर रोक लगाने के लिए भी संयुक्त कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है, लेकिन इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद आवश्यक है। फिलहाल दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सके।






