अनुपमा भागवत, देबस्मिता भट्टाचारिया, अभिषेक अवधानी और अभिषेक मिश्रा की चौगलंबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया
सदियों पुरानी भारतीय संगीत की परंपरा से युवाओं को जोड़ने का अच्छा प्रयास — कोहली, बर्स्ट, गोगिया
विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बर्स्ट, नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया और डिप्टी कमिश्नर सहित अन्य हस्तियों ने शास्त्रीय संगीत का आनंद लिया
पटियाला, 21 फरवरी, 2026: पटियाला विरासती मेला-2026 के तहत आज यहां विरासती किला मुबारक के दरबार हॉल के खुले प्रांगण में भारतीय शास्त्रीय संगीत की शाम के अवसर पर शास्त्रीय गायिका रौनकिणी गुप्ता ने अपने शास्त्रीय गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं चौगलंबंदी की अनूठी प्रस्तुति ने इस शास्त्रीय संगीत की शाम को शिखर पर पहुंचा दिया।
डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया की अगुवाई में करवाए जा रहे इस समारोह के मौके पर विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बर्स्ट, नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया तथा जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता भी विशेष तौर पर पहुंचे। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने विरासती किला मुबारक में सदियों से जल रही ज्योति से मशाल के माध्यम से लाई गई ज्योति से आगे शमा रोशन कर इस उत्सव का आगाज़ किया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायिका रौनकिणी गुप्ता ने राग केदार में विलंबित ख्याल ‘अब मानो मोरी बात’, मध्य लय रूपक ताल में ‘कंगनवा बाजे मोरा’ तथा आड़ा चौताल में एक अन्य तराना प्रस्तुत किया, जो उनकी स्वयं की रचित तीनों बंदिशें थीं।
उन्होंने राग भीमपलासी प्रस्तुत करते हुए छोटा ख्याल तीनताल में ‘देखो बिजुरिया’ और झपताल में अपने उस्ताद अब्दुल रशीद खान साहब की रचना तराना ‘ओ दे ताना ना’ की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति दी, जिससे दर्शक झूम उठे। उनके साथ तबले पर आशीष राघवानी और हारमोनियम पर तनमय मेस्त्री ने संगत की। इन कलाकारों ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हुई कि उन्होंने रागों के शहर पटियाला में आकर आज अपनी प्रस्तुति दी।
इस शास्त्रीय संगीत की दूसरी प्रस्तुति के दौरान सितार वादक अनुपमा भागवत और सरोद वादक देबस्मिता भट्टाचारिया शास्त्रीय संगीत के एक दुर्लभ सुरीले संगम में शामिल हुए, जिसमें पंडित अभिषेक मिश्रा के तबला वादन और अभिषेक अवधानी के मृदंगम ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस चौगलंबंदी की शुरुआत राग जोग में एक आलाप से हुई, जिसके बाद तीनताल पर आधारित रचनाओं ने दो सुरीले वाद्य यंत्रों के बीच एक दिलचस्प संवाद प्रस्तुत किया। वहीं तबले और मृदंगम की मौजूदगी ने एक विशिष्ट तालबद्ध आयाम जोड़ा, जिसने हिंदुस्तानी और कर्नाटक ताल परंपराओं को एक लय में बांध दिया।
इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बर्स्ट, नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया तथा जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता ने कहा कि भारतीय संगीत परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन आज की पीढ़ी इससे दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन द्वारा पटियाला हेरिटेज फेस्टिवल आयोजित करना एक सराहनीय प्रयास है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य को रंगला पंजाब बनाने में सहायक होंगे।
शाही शान-ओ-शौकत और विरासती अंदाज में खूबसूरत रोशनियों से सजे पटियाला के विरासती किला मुबारक में मधुर संगीत और पक्षियों की चहचहाहट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर तानिया बैंस, एडीसी सिमरप्रीत कौर, एसपी पलविंदर सिंह चीमा, एसडीएम नमन मारकन, हरजोत कौर मावी, मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी सतीश चंद्र सहित बड़ी संख्या में पटियाला वासी और संगीत प्रेमियों ने देर रात तक शास्त्रीय गायन और क्लासिकल डांस का आनंद लिया।






