हवारा कलां (फतेहगढ़ साहिब), 21 फरवरी 2026: बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर आज फतेहगढ़ साहिब के गांव हवारा कलां में एक विशाल पंथक एकत्र का आयोजन किया गया। ‘चढ़दी कला पंथक एकत्र’ के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों के नेताओं और बड़ी संख्या में संगतों ने भाग लिया।
इस एकत्र का सबसे भावुक पल उस समय सामने आया जब जगतर सिंह हवारा की माता नरेंद्र कौर को एंबुलेंस के जरिए कार्यक्रम स्थल पर लाया गया। वह लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रही हैं और डॉक्टरों की टीम उनके साथ मौजूद थी। उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर पंडाल के अंदर ले जाया गया। उपस्थित संगतों का कहना था कि एक मां की अपने बेटे से मिलने की अंतिम इच्छा भी सरकार पूरी नहीं कर रही है।
इस मौके पर सिमरनजीत सिंह मान ने कार्यक्रम में पहुंचकर बंदी सिंहों की रिहाई के लिए जोरदार आवाज उठाई और सरकार पर सिखों के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए।
वहीं, फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ दोषी साधु जब चाहे पैरोल ले लेते हैं, जबकि दूसरी तरफ सजा पूरी कर चुके सिंहों को रिहा नहीं किया जा रहा है। हक की बात करने वालों पर एनएसए लगाया जाता है और हवारा की माता जी की गंभीर हालत के बावजूद उन्हें अपने पुत्र से मिलने की अनुमति तक नहीं दी जा रही है।






