शिमला, 19 फरवरी 2026: प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नई बैरियर नीति जारी कर दी है, जिसे 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। नई नीति के तहत अब अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।
प्रस्तावित दरों के अनुसार, छोटे वाहनों से अब 170 रुपये की एंट्री फीस वसूली जाएगी, जबकि पहले उनसे 70 रुपये लिए जाते थे। वहीं जिन वाहनों से पहले 110 रुपये शुल्क लिया जाता था, अब उनसे 170 रुपये वसूले जाएंगे। बड़े ट्रकों पर भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। पहले अधिकतम शुल्क 720 रुपये निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया गया है।
छह प्रमुख बैरियर FASTag से होंगे जुड़े
सरकार ने पहली बार इस नीति के तहत छह प्रमुख बैरियरों को FASTag प्रणाली से जोड़ने का निर्णय लिया है। इनमें सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर में कंडवाल, ऊना में महितपुर, बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले के गारामोड़ा बैरियर शामिल हैं।
बैरियरों के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले ठेकेदारों को आवंटन के 15 दिनों के भीतर FASTag सिस्टम लागू करना होगा, जिससे वाहनों की आवाजाही तेज होगी और नकद लेन-देन में कमी आएगी। बैरियरों की नीलामी ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी।
आय में होगा इजाफा
इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसमें आबकारी एवं कर विभाग के अधिकारी भी सदस्य होंगे।
यदि किसी बैरियर को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य विभागीय अधिकारी मिलकर मामले का समाधान करेंगे।
सरकार को उम्मीद है कि नई बैरियर नीति लागू होने से राजस्व में पहले के मुकाबले दो से तीन गुना तक वृद्धि होगी।






