कानपुर (यूपी), 12 फरवरी 2026: कानपुर की एक अदालत ने गुरुवार को हाई-प्रोफाइल लैंबोर्गिनी हादसे के आरोपी शिवम मिश्रा को जमानत दे दी। मामले से जुड़े एक वकील ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में वीआईपी रोड पर हुए लैंबोर्गिनी हादसे के संबंध में स्थानीय तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के पुत्र शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया था। हादसे में कई लोग घायल हुए थे। गुरुवार सुबह आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
आरोपी के वकील अनंत शर्मा ने बताया कि पुलिस ने अदालत से 14 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बजाय अदालत ने शिवम मिश्रा को 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
शर्मा के अनुसार, पुलिस द्वारा दायर हिरासत याचिका में कई विसंगतियां थीं। उन्होंने दावा किया कि दस्तावेजों में नोटिस की तामील से जुड़े आवश्यक विवरणों का अभाव था। इन कमियों को देखते हुए अदालत ने पुलिस की मांग ठुकरा दी और आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने सुबह औपचारिक रूप से मिश्रा को गिरफ्तार कर करीब 10 बजे अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे दोपहर 3 बजे के बाद सुनाया गया।
आदेश को “सही और उचित” बताते हुए शर्मा ने कहा कि इस स्तर पर सजा या जुर्माना लगाने का कोई प्रावधान नहीं था, इसलिए जमानत देना उचित समझा गया।
मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के खिलाफ की गई। उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए पुलिस हिरासत से इनकार किया और 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई का आदेश दिया।
त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने सरकारी दबाव में कार्रवाई की। जमानत मिलने के बाद शिवम मिश्रा कड़ी सुरक्षा के बीच भीड़भाड़ वाले अदालत परिसर से रवाना हो गए।
इससे पहले कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया था कि “आरोपी शिवम मिश्रा (35) को गिरफ्तार कर लिया गया है।” मामले की आगे की जांच जारी है।






