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जिला बाल सुरक्षा विभाग द्वारा पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा और सेफ स्कूल वाहन नीति संबंधी दो दिवसीय जागरूकता कैंप

उमंग वेलफेयर फाउंडेशन के विशेष सहयोग से थापर यूनिवर्सिटी और प्लेवेज स्कूल में आयोजन, स्कूल प्रमुखों व सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया भाग

पटियाला, 12 फरवरी 2026: जिला बाल सुरक्षा विभाग पटियाला द्वारा उमंग वेलफेयर फाउंडेशन के विशेष सहयोग से साइबर सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट और सेफ स्कूल वाहन नीति संबंधी दो दिवसीय जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का पहला दिन थापर यूनिवर्सिटी पटियाला में आयोजित किया गया, जबकि दूसरे दिन प्लेवेज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लाहौरी गेट, पटियाला में कार्यक्रम हुआ।

कैंप में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जिले के सभी स्कूलों के प्रमुखों, शिक्षकों और सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला बाल सुरक्षा अधिकारी मैडम शाइना कपूर, डॉ. राजदीप सिंह (डायरेक्टर), रूपवंत कौर (चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर), इंदरप्रीत संधू (एसोसिएट प्रोफेसर, मनोविज्ञान, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला), इंदरजीत सिंह (विशेष काउंसलर, पॉक्सो एक्ट), एस.एस.पी. कार्यालय से काका राम वर्मा, अरविंदर सिंह (प्रधान, उमंग वेलफेयर फाउंडेशन), योगेश पाठक (लीगल एडवाइजर, उमंग) और तीरथ टक्कर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कैंप का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्कूल वाहनों की सुरक्षित आवाजाही और बढ़ते साइबर अपराधों से बच्चों को बचाने के लिए स्कूल प्रबंधन को आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।

इस मौके पर जिला बाल सुरक्षा अधिकारी मैडम शाइना कपूर और रूपवंत कौर ने संयुक्त रूप से कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे इंटरनेट से अधिक जुड़े हुए हैं, इसलिए उन्हें सही मार्गदर्शन और सुरक्षा की अत्यधिक आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी स्कूलों में सेफ स्कूल वाहन समितियां बनाना अनिवार्य किया गया है, ताकि बच्चों की आवाजाही को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

मैडम शाइना कपूर ने आगे कहा कि प्रत्येक स्कूल द्वारा गठित सेफ स्कूल वाहन समिति में स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ अभिभावकों को भी शामिल किया जाए। इन समितियों को अपनी पूरी जानकारी और डेटा ई-मेल के माध्यम से संबंधित एस.डी.एम. कार्यालय में जमा करवाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समिति हर महीने कम से कम एक बैठक अवश्य करेगी, जिसमें स्कूल वाहनों की जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।

उमंग वेलफेयर फाउंडेशन के प्रधान अरविंदर सिंह और योगेश पाठक ने संयुक्त रूप से बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बच्चे अक्सर अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है और परिवारों के लिए भी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए स्कूलों में साइबर सुरक्षा संबंधी नियमित सेमिनार आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि बच्चों और शिक्षकों को अद्यतन जानकारी मिलती रहे।

पॉक्सो एक्ट के विशेषज्ञ काउंसलर इंदरप्रीत सिंह ने कहा कि स्कूलों में पॉक्सो एक्ट की जानकारी देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जागरूक करना बहुत जरूरी है, ताकि वे किसी भी गलत घटना की स्थिति में बिना डर के अपनी बात साझा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो संबंधी नियमित लेक्चर और कार्यशालाएं स्कूलों में आयोजित की जानी चाहिए।

सेमिनार के उपरांत प्रतिभागियों ने इस कैंप की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की मांग की।

फोटो: सेमिनार के दौरान अधिकारी, संस्था सदस्य और शिक्षक।

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