PRGI के नए नियमों में बदलाव की मांग
नई दिल्ली 7 फरवरी 2026(मनोज वर्मा) : श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा के आह्वान पर लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों के समर्थन में राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल महाधरने का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में देशभर से पत्रकार, संपादक, प्रकाशक और मीडिया संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। धरने का मुख्य उद्देश्य प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI) द्वारा लागू किए गए नए नियमों में बदलाव की मांग करना है, जिन्हें लघु समाचार पत्रों के लिए नुकसानदेह बताया जा रहा है।
श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा का कहना है कि PRGI के नए नियम छोटे और क्षेत्रीय समाचार पत्रों पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं। इन नियमों के चलते कई लघु समाचार पत्रों का पंजीकरण रद्द होने या उनके संचालन में गंभीर दिक्कतें आने का खतरा पैदा हो गया है। संगठन का आरोप है कि नए प्रावधान बड़े मीडिया संस्थानों के पक्ष में हैं, जबकि सीमित संसाधनों के साथ काम करने वाले छोटे अखबारों की आवाज दबाई जा रही है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लघु समाचार पत्र ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोकतंत्र की मजबूत आवाज हैं। ये अखबार स्थानीय समस्याओं, जनहित के मुद्दों और आम लोगों की पीड़ा को सामने लाने का काम करते हैं। यदि इन पर कठोर नियम थोपे गए, तो इससे न केवल हजारों पत्रकारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी असर पड़ेगा।
महाधरने के दौरान केंद्र सरकार और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से PRGI के नियमों की पुनः समीक्षा करने, छोटे समाचार पत्रों को राहत देने और उनके हितों की रक्षा के लिए अलग नीति बनाने की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने सभी पत्रकार संगठनों, लोकतंत्र समर्थक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से इस महाधरने में शामिल होकर लघु समाचार पत्रों की लड़ाई को मजबूती देने की अपील की है।






