मानवीय समाज के यथार्थ की सशक्त प्रस्तोता थीं प्रो. बल्ली — डॉ. दर्शन सिंह आष्ट
पटियाला, 6 फरवरी, 2026: पंजाबी साहित्य सभा (रजि.) पटियाला के अध्यक्ष एवं साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित डॉ. दर्शन सिंह आष्ट ने पंजाबी की प्रख्यात कथाकार प्रो. बलजीत कौर बल्ली के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. बल्ली ने अपने उपन्यासों और कहानियों के माध्यम से मानवीय समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने स्त्री-पुरुष संबंधों को विभिन्न दृष्टिकोणों से प्रभावशाली ढंग से उकेरते हुए पंजाबी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. आष्ट ने कहा कि प्रो. बल्ली ने छावे, ठरी रात, धूप दी वाट और गुआचे सूरज जैसे उपन्यासों के अलावा नक्श मिटते गए, हादसे, हवाले, सलीबां और इक पैर वाला घर सहित कई कहानी संग्रहों के माध्यम से मानवीय मनोविज्ञान की सूक्ष्मताओं को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि प्रो. बल्ली ने पटियाला जिले के विभिन्न स्कूलों में तथा बाद में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के पंजाबी विभाग में अध्यापिका के रूप में सेवाएं प्रदान कीं। वे पंजाबी सभ्याचार मंच, पटियाला की उपाध्यक्ष भी रहीं।
इस अवसर पर पंजाबी साहित्य सभा पटियाला की कार्यकारिणी में शामिल डॉ. दर्शन सिंह आष्ट के अलावा सभा के वर्तमान संरक्षक कथाकार बाबू सिंह रहल, सुखदेव सिंह शांत, डॉ. राजवंत कौर पंजाबी, जनरल सचिव दविंदर पटियालवीं, बलबीर सिंह दिलदार, डॉ. हरप्रीत सिंह राणा, सुखदेव सिंह चहल और नवदीप सिंह मुंडी सहित अन्य सदस्यों ने भी प्रो. बल्ली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।






