पटियाला, 22 जून।
मानसून सीजन के दौरान डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम पटियाला ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मेयर कुंदन गोगिया ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित खाली प्लॉटों में फैली गंदगी, झाड़ियों और जलभराव पर गंभीर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य एवं सैनिटेशन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे को सार्वजनिक स्थानों से तुरंत हटाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
मेयर ने कहा कि भवन निर्माण कराने वाले लोग निर्माण सामग्री या मलबा सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर न डालें। यदि कहीं भी मलबा पड़ा मिला तो संबंधित व्यक्ति को उसे हटाने का नोटिस दिया जाएगा। निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई न करने पर चालान काटने के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कई खाली प्लॉटों की उचित देखरेख न होने के कारण वहां कूड़ा-कचरा जमा हो जाता है और बरसात के मौसम में पानी भरने से मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम की टीमें पूरे शहर में ऐसे प्लॉटों की पहचान कर रही हैं।
मेयर कुंदन गोगिया ने प्लॉट मालिकों से अपील की कि वे अपने खाली प्लॉटों की चारदीवारी करवाएं तथा नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी निजी या व्यावसायिक प्लॉट में गंदगी या जलभराव मिलने पर संबंधित मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे खाली प्लॉटों में कूड़ा-कचरा न फेंकें और यदि कहीं गंदगी या निर्माण मलबा दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत नगर निगम के सैनिटेशन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।






