‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को गांव स्तर तक मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की अहम बैठक
पटियाला, 23 जून 2026 : पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान को गांव स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने और नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण के उद्देश्य से पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने “युद्ध नशों के विरुद्ध: गांवों का हाल मुख्यमंत्री के साथ” कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब में पहली बार आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान पूरा प्रशासन, विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक अध्यक्ष और वीडीसी सदस्य एक ही मंच पर एकत्र होकर नशों के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस अभियान में समाज के हर वर्ग की भागीदारी बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि किसी परिवार का युवा नशे की लत का शिकार है तो उसके माता-पिता या परिवार के सदस्य साकेत हेल्पलाइन नंबर 0175-2213385 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित युवाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों के अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को समझ सकें और समय रहते यह पहचान कर सकें कि कोई विद्यार्थी नशे की गिरफ्त में तो नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता और शुरुआती पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत नशे की लत से मुक्ति के लिए उपचार, काउंसलिंग और सहायता सेवाएं लगातार उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति टेली-मानस टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-891-4416 पर संपर्क कर विशेषज्ञ सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
विधायक गुरलाल घनौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर वीडीसी सदस्यों, पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं को इस अभियान से जोड़कर इसे जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर ही नशे की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। उन्होंने गांववासियों से अपील की कि नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों के बारे में जानकारी तुरंत प्रशासन के साथ साझा करें।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान केवल नशा छुड़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा छोड़ चुके युवाओं के पुनर्विकास और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि पंजाब पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं ताकि नशों के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि नशों संबंधी दी जाने वाली हर सूचना को पूरी गोपनीयता के साथ लिया जाएगा और सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने युवाओं से नशों से दूर रहने तथा खेलों एवं सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, विधायक गुरलाल घनौर, सनौर हलका प्रभारी रणजोध सिंह हंडाना, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन हरपाल विरक, अतिरिक्त उपायुक्त अनुप्रीता जौहल, पटियाला ग्रामीण क्षेत्र के वीडीसी सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा आम आदमी पार्टी के नेता उपस्थित थे।