Tuesday, June 16, 2026
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पीएयू-कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत एफपीओ के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित

लहरागागा, 16 जून 2026 : पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर द्वारा गांव घोड़ेनाब, ब्लॉक लहरागागा में “खेत बचाओ अभियान” के तहत नाबार्ड के सहयोग से किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर की शुरुआत में कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर के प्रभारी डॉ. मनदीप सिंह ने खेत बचाओ अभियान के उद्देश्य तथा इसके अंतर्गत चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को खरीफ फसलों के लिए अनुशंसित कृषि तकनीकों तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग का संदेश किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने केवीके, संगरूर द्वारा किसानों के कल्याण हेतु उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं और सेवाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने धान की फसल में फास्फोरस युक्त खाद का प्रयोग न करने की अपील की तथा हरी खाद के उपयोग से यूरिया की बचत करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

सहायक प्रोफेसर (फसल विज्ञान) डॉ. रुकिंदरप्रीत सिंह ने भूमि की बेहतर सेहत के लिए रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ गोबर की खाद, हरी खाद, जैव उर्वरक तथा फसलों के अवशेषों को खेत में मिलाने पर जोर दिया। उन्होंने धान और बासमती में वैज्ञानिक उर्वरक प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा खेत से मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि भी बताई। उन्होंने धान में मधरेपन रोग की रोकथाम और वैज्ञानिक खरपतवार प्रबंधन संबंधी जानकारी भी साझा की।

नाबार्ड, संगरूर के जिला विकास प्रबंधक श्री मुनीश गुप्ता ने किसान क्रेडिट कार्ड तथा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बैंक खाते और एटीएम कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत बैंक अधिकारियों को सूचित करने तथा ग्राहक सेवा नंबरों के उपयोग के बारे में भी बताया।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, संगरूर के जिला प्रबंधक (लीड बैंक) सरदार सुरमुख सिंह ने बेहतर कृषि सेवाओं तथा खेती की लागत कम करने के लिए किसान उत्पादक संगठन बनाने हेतु किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने एफपीओ गठन की प्रक्रिया और इसके लाभों की भी जानकारी दी।

लहरागागा के कृषि विकास अधिकारी डॉ. कुलवंत सिंह ने धान की सीधी बुवाई, खरीफ मौसम की मक्का, बीटी कपास तथा जिप्सम के उपयोग संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ इन पर उपलब्ध सरकारी सब्सिडी के बारे में भी बताया।

शिविर के अंत में जीनियस फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, लहरागागा के निदेशक सरदार होशियार सिंह ने कृषि विशेषज्ञों और नाबार्ड अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शिविर में प्राप्त ज्ञान को पूरी गंभीरता से अन्य किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर जीनियस खेती सेवा केंद्र के निदेशकों में से सरदार करमजीत सिंह, सरदार जगतार सिंह, सरदार सरदूल सिंह और सरदार नाजर सिंह उपस्थित रहे। सरपंच सरदार लखबीर सिंह तथा सरदार परमजीत सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

अंत में कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर के विशेषज्ञों द्वारा धान की नर्सरी, अचार वाली मक्का तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल का निरीक्षण किया गया और किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

 

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