दशकों से रह रहे परिवार अब बने अपने घरों के असली मालिक – डॉ. बलबीर सिंह
कहा, पारदर्शी प्रक्रिया से लोगों को मिल रहे हैं स्वामित्व अधिकार
पटियाला, 12 मई 2026 : पटियाला के गांव रोड़गढ़ में आज पंजाब सरकार की जनहितैषी योजना “मेरा घर मेरे नाम” के तहत पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 393 परिवारों को मालिकाना हक सौंपे और लाभार्थियों को स्वामित्व के दस्तावेज वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि “मेरा घर मेरे नाम” योजना पंजाब सरकार की एक ऐतिहासिक और जन-केंद्रित पहल है, जिसका उद्देश्य उन लोगों को कानूनी मालिकाना हक प्रदान करना है जो कई पीढ़ियों से अपने घरों में रह रहे थे, लेकिन कानूनी दस्तावेजों से वंचित थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों को उनके अधिकार देने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से लागू की गई है। घरों का विस्तृत सर्वे, रिकॉर्ड की जांच और सत्यापन के बाद ही पात्र परिवारों को स्वामित्व अधिकार दिए गए हैं। इससे अब लोगों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि वे अपने घरों से जुड़ी अन्य सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का भी आसानी से लाभ उठा सकेंगे।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। कई परिवार दशकों से अपने घरों में रह रहे थे, लेकिन मालिकाना हक न होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब सरकार द्वारा जारी किए गए स्वामित्व प्रमाण पत्रों के साथ उन्हें कानूनी रूप से अपने घरों का अधिकार मिल गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि लोगों से किए हर वादे को जमीनी स्तर पर पूरा भी कर रही है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
इस अवसर पर लाभार्थी परिवारों ने पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि “मेरा घर मेरे नाम” योजना ने उन्हें एक नई पहचान और सुरक्षा की भावना दी है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने घरों के असली मालिक बन गए हैं, जिससे उनका भविष्य और अधिक मजबूत होगा।
कार्यक्रम में तहसीलदार गौरव बांसल के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।






