पटियाला, 25 अप्रैल 2026: युवाओं में पानी के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने के निरंतर प्रयासों के तहत पटियाला फाउंडेशन ने न्यू डैफोडिल्स हाई स्कूल, पटियाला, पंजाब में “पानी बचाओ: सोचो, कार्य करो, संरक्षण करो” पहल के अंतर्गत अपनी पांचवीं कार्यशाला आयोजित की। यह पहल पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) के सहयोग से तथा भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा समर्थित है, जिसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और व्यवहारिक बदलाव को प्रोत्साहित करना है।
पटियाला फाउंडेशन के प्रमुख प्रोजेक्ट ‘प्रोजेक्ट पृथ्वी’ के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
सत्र की शुरुआत छात्रों की पानी के उपयोग और संरक्षण संबंधी समझ का आकलन करने के लिए एक प्री-एक्टिविटी मूल्यांकन से हुई। इसके बाद पटियाला फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ रवि सिंह आहलूवालिया द्वारा तैयार सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और जिम्मेदार पर्यावरणीय व्यवहार को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पानी का भविष्य आज हमारे द्वारा लिए गए निर्णयों पर निर्भर करता है और इस महत्वपूर्ण संसाधन की रक्षा के लिए सरल एवं जागरूक आदतें अपनाना बेहद जरूरी है। सत्र का समापन पोस्ट-आकलन के साथ किया गया।
कार्यशाला में राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के रुद्राक्ष सिसोदिया द्वारा जल संकट और स्वच्छ व सुरक्षित पानी के महत्व पर एक जानकारीपूर्ण सत्र प्रस्तुत किया गया। उन्होंने जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला को और प्रभावी बनाते हुए श्रीमती नीशू गुप्ता ने दैनिक जीवन में पानी बचाने के व्यावहारिक तरीकों पर एक रोचक और इंटरैक्टिव सत्र लिया। गतिविधि आधारित तरीकों, वास्तविक उदाहरणों और सरल रणनीतियों के माध्यम से उन्होंने छात्रों को पानी बचाने की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने अपने माता-पिता को पोस्टकार्ड लिखकर घर में पानी संरक्षण को बढ़ावा देने का संदेश दिया और “वॉटर ट्री” के लिए संदेश तैयार किए।
सत्र में विद्यार्थियों ने पानी की बर्बादी, सतत उपभोग, पुनः उपयोग, कुशल उपयोग और वर्षा जल संचयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कार्यशाला ने जागरूकता को व्यवहार में बदलने के विचार को मजबूत किया।
इस सत्र को पटियाला फाउंडेशन के वरिष्ठ सदस्य श्री पवन गोयल ने भी सहयोग दिया, जिन्होंने छात्रों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रेरित किया और जिम्मेदार आदतें अपनाने के लिए उत्साहित किया।
सतत विकास लक्ष्य 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) के अनुरूप यह पहल पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को दर्शाती है।
अपने विचार साझा करते हुए संस्थापक एवं सीईओ रवि सिंह आहलूवालिया ने कहा, “पानी का संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की आवश्यकता है। हमारे छोटे-छोटे निर्णय मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।”
प्रबंधन टीम ने छात्रों को पानी संरक्षण के लिए प्रेरित करने हेतु चेयरमैन श्री हरप्रीत सिंह संधू का धन्यवाद किया। साथ ही स्कूल प्रबंधन—श्रीमती प्रदीप कौर (प्रिंसिपल), श्रीमती अनुराधा रानी, श्रीमती सुधा रानी और श्रीमती वरिंदर कौर—का भी विशेष आभार व्यक्त किया गया।
यह पहल PSCST की अगुवाई में और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समर्थन से पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सत्र का समापन छात्रों को पानी बचाने के छोटे-छोटे प्रयास अपनाने और परिवर्तन के दूत बनने के आह्वान के साथ हुआ।
संपर्क के लिए:
रवि सिंह आहलूवालिया
सीईओ, पटियाला फाउंडेशन
मो.: +91 97810 00023
ईमेल: thepatialafoundation@gmail.com






