Saturday, June 6, 2026
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सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंद्रा अस्पताल, पटियाला में ईएनटी डॉक्टरों ने पहली कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की

राजिंद्रा अस्पताल जन्मजात या गंभीर श्रवण शक्ति की कमी वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद बना – डॉ. सिबिया

पटियाला, 3 मार्च 2026: सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंद्रा अस्पताल, पटियाला ने 26 फरवरी 2026 को अपनी पहली कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक कर उन्नत ईएनटी देखभाल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि क्षेत्र में विशेष श्रवण पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी प्रगति का संकेत है।

यह ऐतिहासिक ऑपरेशन ईएनटी विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) संजीव भगत और उनकी सर्जिकल टीम द्वारा किया गया। इस सफलता की जानकारी देते हुए डॉ. संजीव भगत ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के सक्षम मार्गदर्शन में विभाग की पूरी टीम मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए पूर्णतः समर्पित है।

डॉ. भगत ने आगे बताया कि यह सर्जरी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल-32, चंडीगढ़ के प्रो. (डॉ.) सुरिंदर कुमार सिंहल के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में की गई, जिनकी सलाह ने इस सर्जरी की क्लीनिकल योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि ईएनटी विभाग ने सुरक्षित सर्जरी सुनिश्चित करने के लिए एनेस्थीसिया विभाग, ऑडियोलॉजी टीम, ऑपरेशन थिएटर स्टाफ और नर्सिंग अधिकारियों के साथ निकट समन्वय में कार्य किया। गंभीर से गहन सेंसोरीन्यूरल श्रवण हानि से पीड़ित एक छोटे बच्चे का सफल इम्प्लांटेशन किया गया और ऑपरेशन के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ है।

डॉ. संजीव भगत ने कहा कि यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर-प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) रमिंदरपाल सिंह सिबिया के गतिशील नेतृत्व में संभव हुई, जिनकी दूरदर्शिता और प्रशासनिक सहयोग ने संस्थान में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। इस पहल को राजिंद्रा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विशाल चोपड़ा का भी समर्थन प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर डॉ. रमिंदरपाल सिंह सिबिया ने कहा कि इस उपलब्धि के साथ सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंद्रा अस्पताल, पटियाला ने औपचारिक रूप से अपना कोक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम शुरू कर दिया है, जो जन्मजात या गंभीर श्रवण शक्ति की कमी से ग्रस्त बच्चों के लिए नई आशा की किरण है। उन्होंने कहा कि इस पहल से पंजाब में उन्नत ईएनटी और श्रवण पुनर्वास सेवाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

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