फिरोजपुर, 2 मार्च, 2026 : किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया है। मोर्चा ने घोषणा की है कि किसान और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर 4 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान राज्य भर में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
चंडीगढ़ में हुई अहम बैठक
यह निर्णय 1 मार्च को चंडीगढ़ के किसान भवन में आयोजित मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जसविंदर सिंह लोंगोवाल, दिलबाग सिंह गिल और बलवंत सिंह बेहरामके ने की। बैठक में सरवन सिंह पंढेर और अमरजीत सिंह मोहरी जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा
- 4 मार्च: अमित शाह के दौरे के दौरान जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन और केंद्र सरकार का पुतला दहन।
- 19 मार्च: अमृतसर (माझा क्षेत्र) में उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर एक बड़े मोर्चे (विरोध प्रदर्शन) की शुरुआत।
- 6 मार्च: बठिंडा में होने वाली ‘दमन विरोधी रैली’ को भी मोर्चा ने अपना समर्थन दिया है।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है मोर्चा
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा। मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- मुआवजा और रिकवरी: शंभू और खनौरी बॉर्डर पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के नुकसान और कथित चोरी का मुआवजा। साथ ही घायल किसानों और मृतकों के परिवारों के लिए लंबित राहत राशि की तुरंत अदायगी।
- केस वापस लेना: आंदोलन के दौरान किसानों और मजदूरों पर दर्ज सभी पुलिस, रेलवे और पराली जलाने से संबंधित मामलों को रद्द करना।
- कानूनी गारंटी: एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी का कानून बनाना और किसानों का कर्ज माफ करना।
- विवादास्पद बिलों का विरोध: प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौता, बिजली संशोधन विधेयक 2025, बीज अधिनियम 2025 और चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) को रद्द करने की मांग।
- न्यायिक जांच: गुरदासपुर में रंजीत सिंह की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की निष्पक्ष जांच और परिवार के लिए न्याय।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
नेताओं ने मोदी सरकार पर किसान और मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मनरेगा (MGNREGA) को प्रभावी ढंग से बहाल करने और बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा तुरंत जारी करने की भी मांग की। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और भी उग्र होगा।






