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नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में पहली बार दृष्टिबाधित (ब्लाइंड) खिलाड़ियों ने किया कौशल का प्रदर्शन

आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सौजन्य से पंजाब आर्चरी एसोसिएशन ने रचा इतिहास

पटियाला, 1 फरवरी, 2026 : पटियाला के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में आयोजित 7वीं एनटीपीसी नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में इस बार एक नया और प्रेरणादायक अध्याय जुड़ गया है। पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दृष्टिबाधित (ब्लाइंड) तीरंदाजों ने भी भाग लिया है और अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है।

देश के विभिन्न राज्यों से आए ब्लाइंड खिलाड़ियों ने विशेष तकनीक और प्रशिक्षण के दम पर लक्ष्य भेदन में बेहतरीन सटीकता दिखाई। ऑडियो संकेतों और कोच के मार्गदर्शन के साथ ये खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ तीर चला रहे हैं, जो दर्शकों और अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।

चैंपियनशिप के आयोजक पंजाब आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रविंद्र कुमार बाली ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह पहली बार है जब नेशनल स्तर की आर्चरी प्रतियोगिता में ब्लाइंड कैटेगरी को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ये बहुत गर्व की बात है कि भारत में राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप की मेजबानी करवाने का मौका पंजाब आर्चरी एसोसिएशन को मिला है।

पंजाब आर्चरी एसोसिएशन के आरनरी सचिव नवजोत सिंह कहना है कि दृष्टिबाधित खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि खेल सिर्फ आंखों से नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास और मेहनत से जीते जाते हैं। कई खिलाड़ियों ने शुरुआती राउंड में ही प्रभावशाली स्कोर हासिल कर भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।

प्रतियोगिता देखने पहुंचे दर्शकों ने भी ब्लाइंड खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की और उनके हौसले को सलाम किया। खेल प्रेमियों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में और अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।

नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में ब्लाइंड खिलाड़ियों की यह ऐतिहासिक भागीदारी न सिर्फ भारतीय खेल जगत के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि हौसलों के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती।

उपइस मौके पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मैडल देने के लिए पंजाब आर्चरी एसोसिएशन की टीम के साथ ओलंपियन, द्रोणाचार्य अर्जुना अवॉर्डी मुख्य अतिथि संजीव सिंह के साथ, विशेष मेहमान वरिंदर कटारिया, प्रसिद्ध उद्योगपति एवं ओलंपियन सत्यदेव ने शिरकत की।

 

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