चंडीगढ़, 19 दिसंबर: पंजाब के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक अहम पहल की है। राज्य में 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए ‘स्किल एजुकेशन स्कीम’ की शुरुआत की गई है। इस पायलट प्रोजेक्ट को फिलहाल पंजाब के 40 स्कूलों में लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है।
इस योजना के तहत छात्रों को पढ़ाई के साथ विभिन्न प्रकार की स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। इनमें बैंकिंग, ब्यूटी पार्लर सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स शामिल हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को इन कोर्सों का मान्य प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रमाण पत्र से छात्रों के लिए भविष्य में स्वरोजगार और नौकरी के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही आने वाले समय में इस योजना का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि शुक्रवार को पंजाब भर के सरकारी स्कूलों में पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) का आयोजन किया जाएगा। यह पीटीएम सामान्य बैठकों से अलग होगी।
इस बैठक में न केवल बच्चों की पढ़ाई पर चर्चा की जाएगी, बल्कि अभिभावकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में माता-पिता को बताया जाएगा कि स्कूल के बाद घर पर बच्चों की पढ़ाई में कैसे मदद करें और उनकी देखभाल किस तरह करें, ताकि बच्चों का मानसिक विकास बेहतर हो सके।






