पटियाला, 17 जून,2026: पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में कुलपति डॉ. जगदीप सिंह की स्वीकृति से सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन लैंग्वेजेज, मैसूर (कर्नाटक) तथा आईसीएसएसआर, नई दिल्ली के विशेष सहयोग से 18 से 20 जून 2026 तक 53वें अखिल भारतीय द्रविड़ भाषाविद् सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
इस सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से पंजाबी विभाग, भाषा विज्ञान एवं पंजाबी कोशकारी विभाग, पंजाबी लिंग्विस्टिक्स एसोसिएशन पटियाला, द्रविड़ लिंग्विस्टिक एसोसिएशन तथा इंटरनेशनल स्कूल ऑफ द्रविड़ियन लिंग्विस्टिक्स, तिरुवनंतपुरम (केरल) द्वारा किया जा रहा है।
सम्मेलन के आयोजन सचिव एवं पंजाबी विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग की अध्यक्ष डॉ. राजवंत कौर पंजाबी ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन 18 जून को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में डॉ. राजवंत कौर पंजाबी स्वागत भाषण देंगी, जबकि पंजाबी लिंग्विस्टिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भूपिंदर सिंह खैहरा सम्मेलन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा करेंगे। कुलपति डॉ. जगदीप सिंह अध्यक्षीय भाषण देंगे।
इस अवसर पर तमिलनाडु विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के. करुणाकरन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के भाषाविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एम.जे. वारसी मुख्य व्याख्यान (की-नोट एड्रेस) प्रस्तुत करेंगे।
इसके अतिरिक्त इंटरनेशनल स्कूल ऑफ द्रविड़ियन लिंग्विस्टिक्स (आईएसडीएल) के निदेशक जी.के. पाणिकर वी.आई. सुबरामणियम शताब्दी व्याख्यान देंगे। उद्घाटन सत्र के अंत में विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक मामलों के डॉ. जसविंदर सिंह बराड़ धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।
पहले अकादमिक सत्र के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.सी. शर्मा ‘प्रो. वी.आई. सुबरामणियम स्मृति व्याख्यान’, दक्कन कॉलेज, पुणे के भाषाविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुहनू राम शर्मा ‘प्रो. के. महादेवा शास्त्री स्मृति व्याख्यान’ तथा चिटकारा विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. जयतेग सिंह खैहरा ‘प्रो. नागम्मा रेड्डी स्मृति व्याख्यान’ प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन पंजाबी भाषा विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. हरविंदरपाल कौर करेंगी।
सम्मेलन के आगामी सत्रों में भाषा विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी तथा विभिन्न शोध विषयों पर अपने विचार साझा करेंगी।
— डॉ. राजवंत कौर पंजाबी
आयोजन सचिव
53वां अखिल भारतीय द्रविड़ भाषाविद् सम्मेलन






