चंडीगढ़। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य संजय टंडन ने नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान टंडन ने उपराष्ट्रपति को पंजाब विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और फैकल्टी सदस्यों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने से संबंधित लंबे समय से लंबित मामले के बारे में अवगत कराया। उन्होंने इस विषय से जुड़े ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, वर्तमान प्रावधानों तथा विश्वविद्यालय सीनेट द्वारा पूर्व में स्वीकृत सिफारिशों का उल्लेख करते हुए संबंधित दस्तावेजों का एक विस्तृत संकलन भी उन्हें सौंपा।
संजय टंडन ने कहा कि इस मामले में शीघ्र निर्णय लिए जाने से विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा संस्थान के भीतर उपलब्ध बहुमूल्य शैक्षणिक अनुभव को संरक्षित रखने में सहायता मिलेगी। उन्होंने उपराष्ट्रपति से अनुरोध किया कि योग्य प्रोफेसरों और कर्मचारियों को इसका लाभ दिलाने के लिए इस मुद्दे के समयबद्ध समाधान हेतु हस्तक्षेप किया जाए।
टंडन ने उपराष्ट्रपति को पंजाब विश्वविद्यालय का दौरा करने और शिक्षाविदों के साथ संवाद करने का निमंत्रण भी दिया। इसके अलावा उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (PUTA) के एक प्रतिनिधिमंडल को भी उपराष्ट्रपति से मिलने का अवसर प्रदान करने की मांग की, ताकि शिक्षक अपनी चिंताओं को सीधे उनके समक्ष रख सकें।
सौहार्दपूर्ण संकेत के रूप में संजय टंडन ने उपराष्ट्रपति को अपनी लिखी पुस्तक ‘सनरेज़ फॉर फ्राइडे’ की एक प्रति भी भेंट की।
मुलाकात को सकारात्मक और रचनात्मक बताते हुए टंडन ने कहा कि उपराष्ट्रपति ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि मामले की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा कर जल्द से जल्द उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।






