Saturday, June 6, 2026
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धान की अनुशंसित किस्मों एवं खाद प्रबंधन संबंधी जागरूकता शिविर आयोजित

संगरूर, 12 मई, 2026 : रासायनिक खादों के संतुलित उपयोग को ध्यान में रखते हुए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के दिशा-निर्देशों के तहत फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, संगरूर द्वारा गांव घाबदां में धान एवं बासमती की अनुशंसित किस्मों, मिट्टी परीक्षण के आधार पर खादों के प्रयोग तथा फॉस्फोरस खाद के उचित प्रबंधन संबंधी किसान जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार गर्ग ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही खादों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खादों के संतुलित उपयोग से जहां खेती की लागत कम होगी, वहीं उत्पादन में भी वृद्धि होगी। उन्होंने मौके पर मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा स्वयं नमूना लेकर भी दिखाया।

किसानों को यूरिया खाद का संयमित उपयोग करने और एक साथ कई बैग इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि धान में जिंक की कमी को पूरा करने के लिए किसानों को अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करना चाहिए। जैविक खादों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि धान की फसल में इस्तेमाल होने वाला एजोस्पाइरिलम उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की जैविक गुणवत्ता को भी सुधारता है।

डॉ. गर्ग ने पीएयू द्वारा अनुशंसित किस्मों जैसे पीआर-131, पीआर-132, पीआर-126 आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नई किस्म पीआर-133 के बारे में बताते हुए कहा कि यह किस्म रोपाई के लगभग 111 दिनों बाद पककर तैयार हो जाती है।

बासमती फसलों में पूसा बासमती-1509 और 1847 में खादों की आवश्यकता तथा झंडा रोग की रोकथाम के लिए बीज उपचार संबंधी जानकारी भी विस्तार से दी गई।

गांव के प्रगतिशील किसान सरदार सतनाम सिंह, सरदार यादविंदर सिंह, सरदार प्रितपाल सिंह, सरदार सतनाम सिंह, सरदार परमल सिंह तथा अन्य किसानों ने शिविर आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अंत में किसानों के लिए पीएयू लुधियाना द्वारा पीआर-126 का बीज, बायपास फैट तथा कृषि साहित्य की बिक्री भी की गई।

किसानों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब क्रमबद्ध और प्रभावी तरीके से दिए गए। किसानों ने मिट्टी परीक्षण करवाने के लिए सहमति भी जताई।

शिविर के बाद फार्म सलाहकार सेवा केंद्र की टीम ने सरदार परमल सिंह के ड्रैगन फ्रूट, लहसुन, हरी मिर्च और फूलों के खेतों का दौरा भी किया।

 

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