सुनाम, 07 मई, 2026 : सुनाम नगर कौंसिल के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। इसी बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि Aam Aadmi Party (आप) की बढ़ती लोकप्रियता और सरकार के कार्यों से घबराए विपक्षी दलों को चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। विपक्षी पार्टियां मिलकर ‘आप’ उम्मीदवारों के खिलाफ साझा उम्मीदवार उतारने की कोशिश कर रही हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि विपक्षी दलों की स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि उन्हें अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ने के लिए उपयुक्त उम्मीदवार भी नहीं मिल रहे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और अन्य स्थानीय दल कई वार्डों में मिलकर उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रहे हैं। कई विपक्षी नेता तो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही अपने वरिष्ठ नेताओं के सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विपक्षी दलों की कमजोर राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। लोगों के अनुसार, ये पार्टियां अपनी जमानत जब्त होने के डर से इतनी चिंतित हैं कि अब बिना अपने चुनाव चिन्ह के चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हो गई हैं।
लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि जो पार्टियां नगर कौंसिल चुनाव में अपने चुनाव चिन्ह पर उम्मीदवार खड़े करने की स्थिति में नहीं हैं, वे आने वाले विधानसभा चुनावों में जनता का सामना कैसे करेंगी।
चर्चा है कि कैबिनेट मंत्री एवं ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा द्वारा करवाए गए विकास कार्यों, पारदर्शी प्रशासन और जनहितैषी फैसलों के कारण लोगों का भरोसा लगातार पार्टी की ओर बढ़ रहा है।
अब माना जा रहा है कि सुनाम के लोग विकास और ईमानदार राजनीति को समर्थन देंगे तथा चुनावों में ‘आप’ को भारी बहुमत से जीत दिलाएंगे।
इस तरह विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति और ‘आप’ के प्रति बढ़ते जनसमर्थन ने सुनाम नगर कौंसिल चुनाव को और भी दिलचस्प और चर्चित बना दिया है।






