संगरूर, 06 मई 2026 : पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन संगरूर ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में उप-मंडल मजिस्ट्रेट सतीश चंद्रा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इलाके के कई गांवों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों को जागरूक किया।
दौरान अधिकारियों ने किसानों से संवाद करते हुए पराली को आग लगाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ता है। प्रशासन ने किसानों से इस प्रथा से दूर रहने की अपील की।
उप-मंडल मजिस्ट्रेट ने कहा कि सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए विभिन्न मशीनें और योजनाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिनका किसान अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए क्लस्टर अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी पराली जलाने की घटना सामने आती है तो तुरंत जांच कर विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा गांव स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने किसानों से दोबारा अपील की है कि वे पराली को आग न लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।