उपायुक्त ने पहले सिविल डिफेंस एयर रेड व ब्लैकआउट मॉक अभ्यास के दौरान संगरूर निवासियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद किया
जिला निवासी भविष्य में भी ब्लैकआउट व मॉक ड्रिल से जुड़ी किसी भी गतिविधि में अनिवार्य सहयोग करें — राहुल चाबा
कहा, लोग अफवाहों पर विश्वास न करें, जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर
संगरूर, 24 अप्रैल, 2026 : संगरूर के उपायुक्त राहुल चाबा ने आज रात 8 बजे शहर में आयोजित पहले सिविल डिफेंस एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक अभ्यास के दौरान आर्मी एरिया में नागरिक सुरक्षा के तहत आयोजित ड्रिल में स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि पूरा जिला प्रशासन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें, बल्कि केवल जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
राहुल चाबा ने बताया कि ब्लैकआउट के दौरान रात 8 बजे सायरन बजने के बाद सिविल अस्पताल को छोड़कर 15 मिनट के लिए शहर की बिजली बंद कर दी गई। इस दौरान स्थानीय सेना, पुलिस, होम गार्ड्स-सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, एनसीसी कैडेट्स और बिजली निगम सहित अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय से आर्मी एरिया में मॉक अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
इस दौरान बरनाला कंचियां में पुलिस के साथ ब्लैकआउट की निगरानी के लिए एसडीएम संगरूर सतीश चंद्र ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उनके साथ एसएचओ सिटी-1 सुखदेव सिंह भी मौजूद थे। वहीं, आर्मी एरिया में आयोजित अभ्यास के दौरान डीएसपी ग्रामीण सुखदेव सिंह और एसएचओ सिटी इंस्पेक्टर गुलाब सिंह भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने आगे बताया कि इस अभ्यास में विभिन्न आपातकालीन गतिविधियों जैसे फायर रिस्पांस ऑपरेशन, खोज एवं बचाव कार्य, घायलों को प्राथमिक उपचार व चिकित्सीय सहायता, सुरक्षित निकासी तथा पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर ट्रैफिक व भीड़ नियंत्रण जैसे उपाय शामिल किए गए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में ऐसे अभ्यास या ब्लैकआउट की स्थिति में सभी लाइटें बंद रखें, विशेषकर सीसीटीवी कैमरों और सोलर लाइट्स को भी बंद करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि ब्लैकआउट और सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हवाई हमले की चेतावनी के दौरान सुरक्षा बलों और आम नागरिकों की भूमिका व जिम्मेदारियों को समझने में सहायक होती है। इसलिए भविष्य में ऐसी स्थिति आने पर लोग सावधानी बरतें और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से बचें तथा ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें।
राहुल चाबा ने यह भी अपील की कि जब इस प्रकार की ड्रिल चल रही हो तो लोग बाहरी गतिविधियां तुरंत बंद कर नजदीकी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सायरन को नजरअंदाज न करें और घबराहट या अनावश्यक अफरा-तफरी से बचें।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों को भी आपातकालीन प्रतिक्रिया के बारे में जागरूक करें, जैसे जमीन पर लेटना, सिर को ढकना और घर, स्कूल या आसपास सुरक्षित स्थानों की पहचान करना। इसके अलावा, प्रत्येक नागरिक को प्राथमिक उपचार जैसे छोटी चोटों का इलाज और सीपीआर जैसी तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यासों को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ये वास्तविक आपात स्थिति के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस, सेना या अन्य सुरक्षा बलों के कार्यों में बाधा न डालें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और ड्रिल से संबंधित फोटो या वीडियो साझा करने से भी बचें।






