बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़), 12 अप्रैल, 2026 छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बिटकॉइन (Bitcoin) में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस साइबर अपराध के मुख्य आरोपी को राजस्थान के सीकर जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित भानु प्रसाद भारद्वाज ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि यह धोखाधड़ी 16 अप्रैल, 2022 को शुरू हुई थी। टेलीग्राम (Telegram) के माध्यम से एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और बिटकॉइन में निवेश कर रातों-रात अमीर बनने का लालच दिया। ठग ने विभिन्न टेलीग्राम आईडी का उपयोग कर पीड़ित का भरोसा जीता और उसे निवेश के लिए प्रेरित किया।
आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित ने एक फर्जी ईमेल लिंक के माध्यम से नेट बैंकिंग के जरिए कुल 12,43,250 रुपये निवेश कर दिए। जब पीड़ित ने अपना मुनाफा और मूल राशि वापस मांगी, तो आरोपी बहाने बनाने लगा और अंत में पूरी तरह से गायब हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी भावना गुप्ता के निर्देशन में सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, टेलीग्राम खातों और फर्जी ईमेल लिंक की गहराई से जांच की।
- आरोपी की पहचान: 31 वर्षीय सुभाष चंद्र धियाल, निवासी सीकर, राजस्थान।
- जांच प्रक्रिया: पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपी की लोकेशन राजस्थान के सीकर में ट्रैक की।
- परिणाम: पुलिस टीम ने सीकर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने टेलीग्राम के जरिए लोगों को ठगने का अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस की आम जनता को सलाह
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है ताकि वे साइबर ठगों का शिकार न बनें:
- अज्ञात संपर्कों से बचें: टेलीग्राम या किसी भी अन्य सोशल मीडिया ऐप पर अनजान व्यक्तियों द्वारा दिए गए निवेश के प्रस्तावों पर भरोसा न करें।
- लालच में न आएं: ‘कम समय में दोगुना पैसा’ या ‘उच्च रिटर्न’ जैसे वादे अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होते हैं।
- सुरक्षित भुगतान: किसी भी अनजान लिंक या अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और न ही पैसे ट्रांसफर करें।
नोट: यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या अधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।






