साहित्यिक गीतलेखन की उम्र चिरजीवी होती है: डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी‘
पटियाला 7 अप्रैल, 2026 : पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के पंजाबी विभाग द्वारा आयोजित ‘साहित्य उत्सव-2026′ प्रसिद्ध गीतकार और गायक देबी मखसूसपुरी की संगीतमय और साहित्यिक शाम के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस विशेष शाम में पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने विशेष तौर पर शिरकत की।
इस अवसर पर पंजाबी विभाग की प्रमुख डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी’ ने कहा कि साहित्यिक गीतलेखन की उम्र चिरजीवी होती है। उन्होंने आगे कहा कि गायक देबी मखसूसपुरी की लेखनी में गहरा साहित्यिक रंग है और इसमें लोक-साहित्य जैसी मिठास घुली हुई है।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद विद्यार्थियों और प्रशंसकों ने देबी मखसूसपुरी से उनके जीवन, संघर्ष, गीतकारी और गायकी के सफर से संबंधित सवाल भी पूछे। गायक ने इन सवालों के जवाब कभी भावुक होकर तो कभी तर्कपूर्ण ढंग से दिए।
कार्यक्रम के अंत में विभाग प्रमुख डॉ. राजवंत कौर पंजाबी ने देबी मखसूसपुरी को सम्मानित किया। इस संगीतमय शाम में डॉ. गुरमुख सिंह, डॉ. गुरसेवक लंबी, डॉ. राजविंदर सिंह, डॉ. निवेदिता उप्पल, डॉ. राजिंदरपाल सिंह बराड़, डॉ. सुरजीत सिंह भट्टी, डॉ. भीम इंदर सिंह, डॉ. दर्शन सिंह आष्ट, डॉ. बलविंदर कौर भट्टी, डॉ. चरणजीत कौर, डॉ. हरविंदरपाल कौर, प्रिं. सतवीर सिंह गिल, भगवान दास गुप्ता, डॉ. ज्योति पुरी, डॉ. राजमोहिंदर कौर, बलविंदर सिंह भट्टी, डॉ. लक्ष्मी नारायण भीखी सहित शोधार्थी, विद्यार्थी और कैंपस निवासी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: देबी मखसूसपुरी को सम्मानित करते हुए पंजाबी विभाग की प्रमुख डॉ. राजवंत कौर ‘पंजाबी’, विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी।






