Sunday, June 7, 2026
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राष्ट्रीय काव्य सागर ने नारी दिवस पर मनाया समारोह, पांच पुस्तकों का लोकार्पण

पटियाला, 30 मार्च 2026 (जगप्रीत महाजन): राष्ट्रीय काव्य सागर द्वारा अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से साठ कवि और कवयित्रियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कुंदन गोगिया अपनी धर्मपत्नी सहित उपस्थित हुए।

विशिष्ट अतिथियों में श्री सुरेश नायक (पूर्व प्रिंसिपल, पी.एम.एन. कॉलेज राजपुरा), श्रीमती शहनाज़ जॉली (प्रोग्राम डायरेक्टर, दूरदर्शन चंडीगढ़), डॉ. हरि सिंह जाचक (उपाध्यक्ष, पंजाबी साहित्य सभा लुधियाना), श्रीमती सरला भटनागर (प्रिंसिपल, वीर हकीकत राय स्कूल) और उपकार सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ रिबन काटकर किया गया तथा मां सरस्वती की वंदना के साथ विशेष अतिथियों द्वारा ज्योति प्रज्वलित की गई।

सभा के चेयरपर्सन श्री रविंदर शर्मा ने संस्था की गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय काव्य सागर “एक देश, एक कौम, एक समाज” और इंसानियत की भावना को जीवित रखने के साथ नई प्रतिभाओं को स्वयं को अभिव्यक्त करने का मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कलम में जीवन के सभी रंगों को समेटने की शक्ति होती है और यह मनुष्य को मानसिक रूप से सशक्त बनाती है।

सभा की प्रधान आशा शर्मा ने सभी अतिथियों का परिचय करवाते हुए कहा कि आज के सभी अतिथि अपने आप में एक संस्था हैं और साहित्य के क्षेत्र में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी कवियों, लेखकों और मेहमानों का स्वागत करते हुए सभा की टीम के सहयोग की सराहना की। मंच संचालन श्रीमती जागृति गौड़ और डॉ. तरलोचन ने कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम में गायिका अरविंदर कौर ने गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इस अवसर पर पांच पुस्तकों का लोकार्पण किया गया, जिनका विवरण इस प्रकार है:

आशा शर्मा – स्वयम् की अनुभूति

आशा शर्मा – श्री गीता काव्यांजलि

डॉ. सुरेश नायक – गीतों के शगुन

इंदु पाल – आशा निराशा के लम्हे

भगवान दास गुप्ता – सफरनामा

इन पुस्तकों में जीवन के विभिन्न पहलुओं, मानव की बाहरी और आंतरिक यात्रा तथा गीता के उपदेशों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी गई है। उम्मीद जताई गई कि ये कृतियां समाज को मार्गदर्शन देने में सहायक सिद्ध होंगी।

कार्यक्रम में उपस्थित लेखकों में जागृति गौड़, डॉ. तरलोचन, डॉ. एन.पी. सिंह, रिपनजोत, डॉ. हरि सिंह जाचक, आशा शर्मा, रविंदर शर्मा, डॉ. सुरेश नायक, दिनेश शर्मा, अमरजीत कौर सिद्धू, यदविंदर सिद्धू, प्रिंसिपल सुनीता शर्मा, प्रिंसिपल निर्मल गोयल, उपकार सिंह, जसविंदर कौर, सजनी शर्मा, डॉ. रमा शर्मा, डॉ. मीनू मिड्डा, डॉ. अनु, अशोक सहगल, टी.एन. शर्मा, हरजीत कौर, डॉ. रमा सहगल, सुखविंदर आही, रूही (प्रेसिडेंट), रजनी शर्मा, गुरदर्शन सिंह गुसैल, भगवान दास गोयल, जगतार सिंह, यदविंदर शर्मा (सेक्रेटरी, ब्राह्मण सभा), कुंदन गोगिया (मेयर, पटियाला), डॉ. मंजू मिड्डा, विक्रम पॉल, ईशा पॉल, अंकित अरोड़ा, हितू अरोड़ा, निखिता शर्मा, दीपक शर्मा, सरला भटनागर, शहनाज़ जॉली, कविता शर्मा, अमरजीत सिंह, काजल, पार्थ अंग्रिश, शांति देवी, जी.एस. सग्गू (एडिशनल जोनल डायरेक्टर), मनजीत आज़ाद, अरविंदर कौर, गुरसिमरन सिंह सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

पूरे कार्यक्रम के दौरान हॉल कविताओं और गीतों से गूंजता रहा। गीतों के माध्यम से नारी शक्ति को प्रोत्साहित किया गया, जबकि अतिथियों के प्रेरणादायक विचारों ने जीवन संघर्ष में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

अंत में हितू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें हर साल इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलता रहा, तो वह इसे अपना सौभाग्य मानेंगी। सभा के पदाधिकारियों और अतिथियों द्वारा सभी लेखकों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रधान आशा शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और सभी को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और सराहना प्राप्त करते हुए सफलता के शिखर तक पहुंचा।

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