चंडीगढ़ की विशेष CBI अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में लिया संज्ञान, 16 मार्च को अगली सुनवाई
चंडीगढ़ 14 मार्च, 2026: रोपड़ रेंज के निलंबित (Suspended) डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 मार्च को तय की गई है। हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से भी भुल्लर को बड़ा झटका लगा था, जहाँ उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी, जिसके चलते उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
“सेवा-पानी” शब्द पर वकीलों की दलीलें
मामले की सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील ने एक अनोखा तर्क पेश किया। सीबीआई ने जिस “सेवा-पानी” शब्द को रिश्वत के तौर पर पेश किया है, बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि इस शब्द का मतलब कुछ और भी हो सकता है और यह जरूरी नहीं कि इसे रिश्वत के संदर्भ में ही इस्तेमाल किया गया हो।
हालांकि, सीबीआई के वकील ने इन दलीलों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि भुल्लर एक उच्च पद पर तैनात थे और एक पूर्व डीजीपी के बेटे हैं। जांच एजेंसी ने उनकी गिरफ्तारी से पहले पुख्ता सबूत इकट्ठा किए थे। सीबीआई का दावा है कि रिश्वतखोरी का स्तर इतना अधिक था कि इस गिरफ्तारी ने पूरे देश के प्रशासनिक ढांचे को हिला कर रख दिया था।
छापेमारी में मिला था कुबेर का खजाना
उल्लेखनीय है कि पूर्व डीआईजी को सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2025 को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। इस मामले की कड़ी तब जुड़ी जब पहले एक दलाल कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद भुल्लर पर शिकंजा कसा गया।
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आरोप: उन पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था।
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बरामदगी: गिरफ्तारी के बाद जब उनके आवास पर छापेमारी की गई, तो अधिकारी भी दंग रह गए। वहां से 5 करोड़ रुपये नकद, कीमती घड़ियां, महंगी शराब और लग्जरी कारों की चाबियां बरामद हुई थीं।






