पटियाला, 13 मार्च 2026: पंजाब में होने वाली भाजपा की आगामी रैली से पहले पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए पंजाब के साथ कथित भेदभाव पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और ऐसे में रैली करने के लिए पंजाब आने का उसका कोई नैतिक अधिकार नहीं बनता।
मोहिंद्रा ने खेलो इंडिया योजना के तहत मिले फंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत की टीम के 117 खिलाड़ियों में से 19 खिलाड़ी पंजाब से थे, जबकि गुजरात से केवल 2 खिलाड़ी शामिल थे। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पंजाब को खेल ढांचे के लिए केवल 78.02 करोड़ रुपये दिए, जबकि गुजरात को 426 से 606 करोड़ रुपये तक की राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब के खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन जब फंड और सहायता की बात आती है तो केंद्र सरकार पंजाब को नजरअंदाज कर देती है।
मोहिंद्रा ने केंद्र सरकार से कई सवाल पूछते हुए कहा कि पंजाब के लिए रूरल डेवलपमेंट फंड क्यों रोका गया है, रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट क्यों जारी नहीं की गई और किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी, कर्ज माफी तथा अन्य प्रोत्साहनों के मामले में केंद्र सरकार पर्याप्त सहयोग क्यों नहीं दे रही है।
उन्होंने खाद के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और अन्य उर्वरकों की आपूर्ति और कीमतों को लेकर केंद्र की नीति स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण पंजाब के किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा कि अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौते का पंजाब की कृषि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इस संबंध में केंद्र सरकार की क्या योजना है।
मोहिंद्रा ने राष्ट्रीय सुरक्षा और नशा तस्करी के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अधिकार क्षेत्र पंजाब में 50 किलोमीटर तक बढ़ाए जाने के बावजूद सीमा पार से नशे की तस्करी जारी है, जो राज्य के युवाओं को बर्बाद कर रही है। उन्होंने 2022 में गुजरात के कांडला बंदरगाह पर 200 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद होने के मामले पर भी केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
अंत में मोहिंद्रा ने कहा कि कई वर्षों से पंजाब के अधिकारों की अनदेखी करने के बाद अब भाजपा राज्य में रैलियां कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि भाजपा राज्य के लिए क्या नया लेकर आ रही है या फिर केवल राज्य के संसाधनों का दोहन ही जारी रखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस भेदभाव को अच्छी तरह समझते हैं और राज्य की इज्जत, अधिकारों और भविष्य के साथ होने वाली किसी भी नाइंसाफी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।






