लुधियाना, 10 मार्च 2026 : पंजाब की सियासत में आज उस समय एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रवक्ता अमित गोसाईं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के कुछ ही समय बाद अमित गोसाईं अपने भारी संख्या में समर्थकों के साथ शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल हो गए।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ में खुद अमित गोसाईं को पार्टी का सिरोपा पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर सुखबीर बादल ने अमित गोसाईं को लुधियाना सेंट्रल (केन्द्रीय) विधानसभा क्षेत्र का हल्का इंचार्ज नियुक्त करने की भी घोषणा की।
दादा की विरासत और राजनीतिक पकड़
अमित गोसाईं पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज भाजपा नेता स्वर्गीय सत्यपाल गोसाईं के पोते हैं। सुखबीर बादल ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि अमित ने हमेशा अपने दादा के साथ मिलकर क्षेत्र के लोगों की सेवा की है और उनके आने से लुधियाना में अकाली दल को नई मजबूती मिलेगी।
इस्तीफे के पीछे का दर्द
इससे पहले अमित गोसाईं ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। उन्होंने लिखा:
“आज भारी मन से मैं भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूँ। पार्टी की वर्तमान दुर्दशा को देखना अब मेरे बस से बाहर है। मेरे इस फैसले के पीछे के कारणों को हर कोई जानता है।”
उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत “जय श्री राम” के नारे के साथ किया।
अकाली दल में नया जोश
सुखबीर बादल ने भरोसा दिलाया कि अमित गोसाईं के साथ आए सभी समर्थकों को पार्टी में पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले गोसाईं परिवार का भाजपा छोड़ना लुधियाना क्षेत्र में पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।






