चंडीगढ़, 17 फरवरी 2026: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने दोनों सरकारों को मजीठिया की जान को संभावित खतरे का दोबारा आकलन करने और रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि वर्तमान में मजीठिया की सुरक्षा के लिए 15 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि जेल से रिहाई के बाद उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर कोई नया थ्रेट असेसमेंट किया गया है या नहीं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया।
हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को डीजीपी के साथ समन्वय कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकार को मजीठिया के खतरे के आकलन की रिपोर्ट अगली सुनवाई में सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करनी होगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि नई रिपोर्ट आने तक पंजाब सरकार मजीठिया की सुरक्षा में कोई कमी न रखे। मामले की अगली सुनवाई अब 6 मार्च 2026 को होगी।






