खन्ना/लुधियाना, 7 फरवरी 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच चल रहे ताजा सियासी विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है। अपने चचेरे भाई रवनीत बिट्टू की बयानबाजी से खुद को अलग करते हुए कोटली ने साफ कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुरकीरत कोटली ने राहुल गांधी के समर्थन में मजबूती से खड़े होते हुए कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के सर्वोच्च नेता हैं और देश की राजनीति में उनकी भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता अपने नेतृत्व के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और राहुल गांधी के खिलाफ किसी भी प्रकार की गलत या अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी।
भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कोटली ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत फैलाना देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा है और ऐसी राजनीति का कांग्रेस हमेशा विरोध करती रहेगी।
पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषा और टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी भाषा में संयम रखना चाहिए। कोटली के मुताबिक, मौजूदा विवाद के दौरान जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों—गुरकीरत सिंह कोटली (कांग्रेस) और रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा)—के बीच उभरा यह वैचारिक टकराव राजनीतिक हलकों में खास चर्चा का विषय बना हुआ है। कोटली के बयान से यह साफ हो गया है कि उनके लिए पारिवारिक रिश्तों से ऊपर पार्टी और उसकी विचारधारा है।






