पटियाला, 03 जून 2026: जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, पटियाला के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) रतन सिंह तथा डॉ. गौरव धीमान द्वारा “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इंडियन लीगल सिस्टम” नामक पुस्तक का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक भारतीय कानूनी एवं न्यायिक प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका, इसके अवसरों, चुनौतियों, नैतिक पहलुओं तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
यह पुस्तक कानून, प्रौद्योगिकी और नीति-निर्माण से जुड़े विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और कानूनी विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) रतन सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय में प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित कर रही है और कानूनी व्यवस्था में इसका उपयोग न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बना सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी अकादमिक रचनाएं शोध और ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
डॉ. गौरव धीमान ने बताया कि इस पुस्तक का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारतीय कानूनी प्रणाली के पारस्परिक संबंधों को सरल एवं विस्तृत रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि इस विषय में रुचि रखने वाले पाठकों को नई और उपयोगी जानकारी प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर प्रो. बलजीत सिंह खैहरा तथा डॉ. कुलदीप वालिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक आधुनिक प्रौद्योगिकी और कानूनी अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होगी।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया तथा इस प्रकाशन की सराहना की। यह पुस्तक लोकार्पण समारोह विश्वविद्यालय की शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।