पूरा वर्ष मनाए जाएंगे गुरुओं, देशभक्तों और साहित्यकारों के जन्म दिवस
विद्वानों की जयंती पर विविध साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे
पटियाला, 19 अप्रैल 2026: भाषा विभाग पंजाब द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का स्वरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान नया और अनूठा दिखाई देगा। इस संबंध में विभाग के निदेशक Jaswant Singh Zafar ने बताया कि जहां पारंपरिक ढंग से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई गई है, वहीं इनके आयोजन के तरीकों और उद्देश्यों में भी नवीनता लाई जाएगी। इससे पंजाबी भाषा का प्रचार-प्रसार अधिक प्रभावी ढंग से होगा और नई पीढ़ी का इसके प्रति लगाव बढ़ेगा।
श्री जफर ने बताया कि इस वर्ष विभाग द्वारा गुरुओं, देशभक्तों और साहित्यकारों के जन्म दिवस उनके जन्म स्थानों या अन्य उपयुक्त स्थानों पर विशेष रूप से मनाए जाएंगे। इन अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित गुरु साहिबानों की वाणी, दर्शन और शिक्षाओं, देशभक्तों के संघर्ष, बलिदान और जीवन, तथा साहित्यकारों की रचनाओं और व्यक्तित्व पर आधारित संगोष्ठियां और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को गुरुओं, देशभक्तों और साहित्यकारों के जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना तथा उन्हें देशभक्ति, साहित्य और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इन आयोजनों में नामी विद्वान, लेखक और कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से इन महान हस्तियों और उनकी कृतियों पर प्रकाश डालेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम का एक विशेष विषय होगा, जो किसी न किसी महान व्यक्तित्व से संबंधित होगा। उदाहरण के तौर पर गुरुओं के प्रकाश पर्वों पर उनकी वाणी से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी, जबकि लेखकों, ढाढियों और कविशरों के जन्म दिवस साहित्यिक कार्यक्रमों के रूप में मनाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा मातृभाषा दिवस, हिंदी दिवस और संस्कृत दिवस भी मनाए जाएंगे। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए पंजाबी और हिंदी साहित्य सृजन, कविता पाठ तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
इसी कड़ी में 26 अप्रैल को प्रसिद्ध साहित्यकार श्री गुरबख्श सिंह प्रीतलड़ी की स्मृति में पटियाला से प्रीत नगर (अमृतसर) तक साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों द्वारा भाषा विभाग की अगुवाई में एक विशेष ‘प्रीत यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसके समापन पर प्रीत नगर में भव्य साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
चित्र: श्री गुरबख्श सिंह प्रीतलड़ी






