पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा घर खरीदारों को बड़ी राहत, बिक्री डीड और बिजली कनेक्शन की अनुमति, डिफॉल्ट बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
लोगों के अधिकारों और सम्मान की कीमत पर लागू नहीं होंगे पर्यावरण नियम, निर्दोष घर खरीदार नहीं होंगे परेशान: रीना गुप्ता
कहा, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए पर्यावरण नीति में संशोधन किया
पटियाला, 11 अप्रैल, 2026: पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने एक अहम फैसला लेते हुए पूरे पंजाब में हजारों घर खरीदारों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब रियल एस्टेट डेवलपर्स द्वारा की गई उल्लंघनाओं के कारण निर्दोष आम खरीदारों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा। यह जानकारी पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने दी।
लंबे समय से चले आ रहे इस मुद्दे के समाधान के लिए बोर्ड ने जनहित में दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डेवलपर्स की पर्यावरणीय उल्लंघनाओं के लिए निर्दोष नागरिकों को दंडित न किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि गलत प्रोजेक्ट पेश करने वालों के खिलाफ नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय के तहत बोर्ड ने माना कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन के कारण आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं पर लगी पाबंदियों से उन आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिन्होंने बिना किसी जानकारी के अपनी जीवनभर की बचत इन परियोजनाओं में निवेश की थी। मार्च 2026 में गठित वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की सिफारिशों और जन प्रतिनिधित्व पर विचार करते हुए बोर्ड ने अब एक संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया है।
चेयरपर्सन ने बताया कि 9 अप्रैल के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि “अनियमित आवासीय कॉलोनियों और वाणिज्यिक परियोजनाओं में बिक्री डीड पर पाबंदी से उन आम लोगों को भी परेशानी होती है, जिन्हें किफायती आवास की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि नागरिकों को उनके बुनियादी अधिकारों और आवश्यक सेवाओं से वंचित न रखने के उद्देश्य से संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत व्यक्तिगत खरीदारों के लिए बिक्री डीड रजिस्ट्री और बिजली कनेक्शन जारी करने की अनुमति दी गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि डिफॉल्ट करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिसमें पर्यावरण कानूनों के तहत मुकदमा चलाना और पूर्ण अनुपालन तक नई मंजूरियों पर रोक शामिल है।
रीना गुप्ता ने कहा कि बिजली कनेक्शन एक बुनियादी आवश्यकता है और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार से जुड़ा हुआ है। डेवलपर्स की गलतियों के कारण निर्दोष खरीदारों को इन सेवाओं से वंचित रखना अनुचित है।
फैसले के पीछे की मंशा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पर्यावरणीय कानूनों का पालन लोगों के बुनियादी अधिकारों और सम्मान की कीमत पर न हो। उन्होंने कहा कि घर खरीदने वाले निर्दोष लोगों को उन उल्लंघनाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए, जो उन्होंने नहीं कीं।
उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला न केवल नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यावरणीय जवाबदेही को भी मजबूत करता है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, जबकि आम जनता की गरिमा और आवश्यकताओं से समझौता न किया जाए।






