मुख्यमंत्री भगवंत मान की पुलिस को कड़ी चेतावनी;
बठिंडा (पंजाब), 6 अप्रैल 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्ट तत्वों और “काली भेड़ों” को सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बठिंडा में एक पुलिस थाने और पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ का तबादला करने के अपने फैसले की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस‘ की नीति पर चल रही है।
प्रमुख बिंदु: मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
- मिलीभगत पर प्रहार: मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी कथित तौर पर नशा तस्करों के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को “काली भेड़ें” करार देते हुए कहा कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- सरपंचों की शिकायत पर एक्शन: मान ने खुलासा किया कि दो-तीन गांवों के सरपंचों ने उनसे मिलकर शिकायत की थी। सरपंचों का आरोप था कि बार-बार सूचना देने के बावजूद पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी।
- पूरे स्टाफ का तबादला क्यों?: मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गांव के मुखिया खुद शिकायत लेकर आएं और फिर भी पुलिस कार्रवाई न करे, तो यह स्पष्ट रूप से मिलीभगत का संकेत है। इसी कारण पूरे स्टाफ को बदलने का निर्णय लिया गया।
- नशे के खिलाफ ‘युद्ध‘: अपने रुख को दोहराते हुए मान ने नशे के खिलाफ अभियान को एक “युद्ध” बताया। उन्होंने संकल्प लिया कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
“अगर पुलिस जनता की सूचना पर कार्रवाई नहीं करती, तो इसका सीधा मतलब है कि दाल में कुछ काला है। हम पंजाब की जवानी को बचाने के लिए विभाग की सफाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।”
भगवंत मान, मुख्यमंत्री (पंजाब)






