मुंबई, 06 मार्च 2026: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,097 अंक यानी 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 315.45 अंक यानी 1.27 प्रतिशत टूटकर 24,450.45 के स्तर पर आ गया।
दिन की शुरुआत में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 453 लाख करोड़ रुपये से अधिक था, जो कारोबार समाप्त होने तक घटकर करीब 452 लाख करोड़ रुपये रह गया।
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.15 प्रतिशत गिरकर 57,783.25 पर बंद हुआ। इसके अलावा रियल्टी, पीएसयू बैंक, सर्विसेज, ऑटो, कंज्यूमर, इंफ्रा और मीडिया सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि डिफेंस, एनर्जी, पीएसई और आईटी सेक्टर में कुछ मजबूती देखने को मिली और ये सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में बीईएल, सन फार्मा, एनटीपीसी, इंफोसिस और एचसीएल टेक शामिल रहे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और मारुति सुजुकी जैसे बड़े शेयर नुकसान में रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। संभावित युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।






