तेहरान/मुंबई, 4 मार्च 2026: ईरान सरकार ने भारतीय शहर मुंबई स्थित अपने वाणिज्य दूतावास के माध्यम से उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई को उनके दिवंगत पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का उत्तराधिकारी चुना गया है।
मुंबई में स्थित मुंबई में ईरान का वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में कहा, “ईरान की विशेषज्ञों की सभा द्वारा नेतृत्व के संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर मीडिया में चल रही खबरों का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं है और इन्हें आधिकारिक रूप से खारिज किया जाता है।”
इससे पहले इजरायली मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि मोजतबा खामेनेई को उनके पिता का उत्तराधिकारी चुना गया है और औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है। हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया से इस संबंध में कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों में कहा गया कि मोजतबा अपने पिता के कार्यालय के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे और उनके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तथा कुद्स फोर्स के शीर्ष अधिकारियों से करीबी संबंध रहे हैं। इजरायली मीडिया ने उन्हें अपने पिता से अधिक कठोर रुख वाला बताया। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2019 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मोजतबा पर प्रतिबंध लगाए थे।
इधर, ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान स्थित इमाम खोमैनी नमाज़ स्थल पर तीन दिवसीय समारोह आयोजित किया जाएगा। अंतिम यात्रा की तिथि और समय की घोषणा बाद में की जाएगी।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने X पर लिखा कि जटिल परमाणु वार्ताओं को रियल एस्टेट सौदे की तरह देखने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से अवास्तविक अपेक्षाएं पैदा होती हैं, जिसका परिणाम “बातचीत की मेज पर बमबारी” के रूप में सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने कूटनीति और अमेरिकी मतदाताओं के विश्वास के साथ विश्वासघात किया।
वहीं व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने ईरानी शासन को “खतरनाक और अस्थिर” बताते हुए कहा कि यदि उनके पास परमाणु हथियार होता तो वे उसका इस्तेमाल कर चुके होते।
मध्य पूर्व में तनाव अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई समेत कई प्रमुख हस्तियों के मारे जाने की खबर है। जवाबी कार्रवाई में तेहरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाते हुए पलटवार किया है। क्षेत्रीय हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।






