कोई भी योगे परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा: ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह
धूरी, 2 मार्च, 2026 : मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने आज धूरी हलके के 13 गांवों के 193 प्रभावित परिवारों को वर्षा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकानों के मुआवजे के रूप में कुल 1 करोड़ 7 लाख के स्वीकृति पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर अपने संबोधन में ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार जनकल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्रति परिवार 1 लाख 20 हजार की राहत राशि स्वीकृत की गई है, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 40 हजार की सहायता प्रदान की गई है। यह समस्त राशि निर्धारित मानकों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जारी की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि धूरी हलके के निवासियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी पात्र परिवार को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी प्रभावित परिवार का मामला लंबित है तो उसकी तत्काल जांच कर उचित राहत उपलब्ध कराई जाए।
आज जिन गांवों के परिवारों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए, उनमें गांव अलाल के 9 परिवार, बलिया के 5, बमाल के 38, बरड़वाल के 17, भसौड़ के 6, चीमा के 12, दुगनी के 28, हसनपुर के 9, ईसी के 13, जातिमाजरा का 1, मूलोवाल के 18, पेधनी कलां के 13 तथा रुलदू सिंह वाला के 24 परिवार शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त गांव दौलतपुर के एक गंभीर किडनी रोग से पीड़ित व्यक्ति को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹1 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के संयुक्त प्रमुख सचिव संदीप सिंह गाढ़ा, एस.डी.एम. धूरी डॉ. इस्मत विजय सिंह, ऋषभ बांसल, मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी अरविंद कुमार, पुष्पिंदर शर्मा, रमणदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने पुनः आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रत्येक जरूरतमंद तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है तथा जन-केन्द्रित एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।






