काठमांडू (नेपाल), 26 जनवरी 2026: नेपाल में 5 मार्च को समयपूर्व आम चुनाव कराए जाएंगे। यह चुनाव सितंबर 2025 में केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार गिरने और संसद भंग होने के बाद कराना अनिवार्य हो गया। फिलहाल देश में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार काम कर रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार, नेपाल में करीब 18.9 करोड़ नहीं बल्कि 1.89 करोड़ (189 लाख) मतदाता हैं और 68 राजनीतिक दलों व निर्दलीय उम्मीदवारों समेत 3,475 से अधिक प्रत्याशी 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा की 165 सीटों के लिए चुनाव मैदान में हैं। इनमें 390 से अधिक महिला उम्मीदवार शामिल हैं।
इस चुनाव में चार पूर्व प्रधानमंत्री—केपी शर्मा ओली, पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’, बाबूराम भट्टराई और माधव कुमार नेपाल—किस्मत आजमा रहे हैं। खास मुकाबला ओली और युवा नेता बालेंद्र शाह के बीच माना जा रहा है। इस बीच राजशाही समर्थक दल भी राजतंत्र की बहाली की मांग तेज कर रहे हैं।
भारत और चीन दोनों ने नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सहयोग का भरोसा जताया है। भारत ने चुनावी तैयारियों के लिए वाहनों और अन्य सामग्री की मदद भी दी है।






