Sunday, June 7, 2026
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मोदी सरकार के 15 लाख वाले जुमले की तरह ही फेल होगी मनरेगा योजना

मनरेगा योजना पर हमला: गरीबों के रोजगार पर बड़ा खतरा

पटियाला, 5 जनवरी, 2026 :  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जो देश के लगभग 6 करोड़ गरीब परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी था, आज केंद्र सरकार की नई नीतियों के कारण गंभीर खतरे में नजर आ रहा है। पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मोहित महिंद्रा ने अपने निवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए कहा कि जी-राम-जी बिल के माध्यम से मनरेगा की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ की गई है।

मोहित महिंद्रा ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए विशेष रूप से कहा कि जिस तरह मोदी सरकार का 15 लाख रुपये वाला जुमला आज तक पूरा नहीं हुआ, उसी तरह मनरेगा योजना भी पूरी तरह से फेल साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार एक कानूनी अधिकार था, जिसे हर ग्रामीण नागरिक मांग सकता था, लेकिन अब इस गारंटी को खत्म कर दिया गया है। 125 दिनों के रोजगार के दावे को उन्होंने भ्रामक बताते हुए कहा कि यह गरीबों के साथ सीधा धोखा है।

नए बिल के तहत 60:40 के फंडिंग फॉर्मूले से राज्यों पर 40 प्रतिशत का वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी, लेकिन अब कर्ज में डूबे पंजाब जैसे राज्यों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकती है। महिंद्रा ने कहा कि यदि राज्य के पास धन नहीं होगा तो न तो योजना चल पाएगी और न ही गरीब मजदूरों को रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा, दिल्ली से जारी नोटिफिकेशन के आधार पर कार्यों का चयन किए जाने से पंचायती राज व्यवस्था और गांवों की आत्मनिर्भरता पर भी सीधा हमला है।

इस पूरे मामले के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। तरनतारन में पूर्व सरपंच सरदार जरमेल सिंह की शादी समारोह के दौरान प्वाइंट ब्लैंक रेंज से हत्या और मोगा में नेस्ले कंपनी से जुड़े यूनियन लीडर की दिनदहाड़े हत्या ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं से न केवल आम लोगों में डर का माहौल है, बल्कि निवेश के वातावरण को भी बड़ा झटका लगा है।

मोहित महिंद्रा ने कहा कि पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था और गवर्नेंस पर ध्यान देने के बजाय दिल्ली के इशारों पर चल रही है। इन मुद्दों के विरोध में कांग्रेस पार्टी 8 से 12 जनवरी तक “मनरेगा मजदूर अधिकार बचाओ यात्रा” शुरू करेगी, जिसके तहत गांव-गांव जाकर मजदूरों से संपर्क किया जाएगा और इस बिल से होने वाले नुकसान के बारे में उन्हें जागरूक किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा और पंजाब की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

फोटो: मोहित महिंद्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान

जारीकर्ता

गोल्डी

पीआरओ (मोहित महिंद्रा, कांग्रेस)

9872612881

 

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