देश की विभिन्न जेलों में सज़ा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को भी सरकारें रिहा करें : प्रो. बडूंगर
पटियाला, 5 जनवरी 2026 : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर ने गंभीर आरोपों में सज़ा काट रहे डेरा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बार-बार दी जा रही पैरोल और फरलो पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से भारत के कानून का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।
प्रो. बडूंगर ने कहा कि एक ही देश में दो तरह के कानून कैसे हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर डेरा सिरसा के प्रमुख को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है, जबकि दूसरी ओर अपनी सज़ा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को न तो पैरोल दी जा रही है और न ही उन्हें रिहा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सिख कौम की ओर से बार-बार यह मांग उठाई जा रही है कि जिन बंदी सिंहों ने अपनी सज़ा पूरी कर ली है, लेकिन इसके बावजूद वे लंबे समय से जेलों में बंद हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। ऐसा न करना सरकारों और अदालतों द्वारा मानवाधिकारों का हनन है।
प्रोफेसर बडूंगर ने कहा कि हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में गंभीर आरोपों के तहत सज़ा काट रहे डेरा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम 2017 से अब तक करीब एक दर्जन बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आ चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर मामलों में दोषी गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल या फरलो दिए जाने के खिलाफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से माननीय हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि राज्य सरकारें अपने स्तर पर ऐसे फैसले लेने के लिए अधिक सक्षम हैं।
फोटो:
प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर।






