30% अधिक रोशनी के साथ दिखा चंद्रमा
ऑकलैंड, 3 जनवरी 2026 : वर्ष का पहला सुपरमून आज रात न्यूज़ीलैंड के आसमान में अद्भुत नज़ारा पेश कर गया। स्थानीय समयानुसार रात करीब सवा 9 बजे से ही लोग इस खगोलीय चमत्कार को देखने के लिए बाहर जुटने लगे। साफ आसमान के कारण सुपरमून पूरी तरह से स्पष्ट दिखाई दिया और आसमान में चमक बिखेर रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, आज रात का चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार नजर आया।
सुपरमून को देखने के लिए न्यूज़ीलैंड के लोगों में खास उत्सुकता देखने को मिली। आसमान में लोगों ने यह खूबसूरत दृश्य करीब 9:40 बजे तक देखा। खगोलशास्त्रियों ने बताया कि यह घटना तब होती है जब पूर्णिमा का चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे नज़दीकी बिंदु (Perigee) पर होता है। इसी कारण चंद्रमा हमारे सामान्य दृष्टि में उससे बड़ा और अधिक चमकदार दिखाई देता है।
सुपरमून की विशेषता
कैंटरबरी यूनिवर्सिटी के खगोल विज्ञानी डॉ. रयान रिडन ने बताया कि सुपरमून की प्रमुख विशेषता यही है कि इस समय चंद्रमा पृथ्वी के बहुत करीब होता है, इसलिए यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में बड़ा और अधिक रोशनी वाला दिखाई देता है।
बृहस्पति ग्रह के पास चंद्रमा का नज़ारा
आज रात सुपरमून के साथ-साथ बृहस्पति ग्रह भी नज़दीक दिखाई दे रहा था। जब लोग सुपरमून की ओर देख रहे थे, तो उसके दक्षिण दिशा में चमकता हुआ तारा असल में बृहस्पति ग्रह था। यह दृश्य खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए और भी रोमांचक बना रहा।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी कि अगले कुछ दिनों में यदि आसमान साफ रहे, तो लोग सुबह या शाम के समय सुपरमून और ग्रहों को आसानी से देख सकते हैं। इस प्रकार का खगोलीय दृश्य विज्ञान और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है।
2026 का पहला सुपरमून न केवल खगोल विज्ञान के प्रेमियों के लिए बल्कि सामान्य जनता के लिए भी रोमांचक रहा। इससे यह साफ हुआ कि प्राकृतिक घटनाएं और खगोलीय घटनाएं हमेशा लोगों को आकर्षित करती हैं और उन्हें ब्रह्मांड की विशालता और सुंदरता का अनुभव कराती हैं।






