जालंधर, 30 दिसंबर 2025: प्रसिद्ध बॉलीवुड और पंजाबी गायक मास्टर सलीम के पिता और महान संगीत गुरु उस्ताद पूरन शाहकोटी की अंतिम अरदास जालंधर के मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में शुरू हो गई है। इस मौके पर पंजाब के संगीत जगत से जुड़े कई नामी कलाकार उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं।
अंतिम अरदास में उनके बेटे मास्टर सलीम, हंसराज हंस सहित बड़ी संख्या में गायक, संगीतकार और कलाकार मौजूद रहे। कार्यक्रम की तैयारियां सुबह से ही शुरू कर दी गई थीं। पंजाबी गायक राय जुंझार ने कहा कि पूरन शाहकोटी का समय अब परिवार के साथ बिताने का था, लेकिन जीवन उतना ही मिलता है जितना वाहेगुरु ने लिखा होता है। उन्होंने कहा कि पूरा संगीत जगत परिवार के साथ खड़ा है।
उस्ताद पूरन शाहकोटी का आठ दिन पहले 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह कुछ समय से बीमार थे और अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके पीछे दो पुत्र, मास्टर सलीम और पेजी शाहकोटी हैं।
पूरन शाहकोटी पंजाबी संगीत उद्योग की एक अहम शख्सियत थे। उन्होंने हंसराज हंस, जसबीर जस्सी, बब्बू मान जैसे कई प्रसिद्ध गायकों को संगीत की शिक्षा दी। अपने पिता के निधन पर मास्टर सलीम ने कहा था, “संगीत की एक पूरी सदी खामोश हो गई है। वह सिर्फ पिता ही नहीं, बल्कि एक महान कलाकार, दार्शनिक और गुरु थे।”
गायक हंसराज हंस ने बताया कि उस्ताद पूरन शाहकोटी को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार जालंधर के दयोल नगर स्थित उनके घर में ही दफनाया जाएगा। उन्होंने इच्छा जताई थी कि उन्हें श्मशान घाट न ले जाया जाए।






