17 दिसंबर 2025:-अमेरिका में पिछले 30 वर्षों से रह रही 60 वर्षीय पंजाबी मूल की महिला बबलबजीत कौर उर्फ़ बबली को ग्रीन कार्ड इंटरव्यू के दौरान हिरासत में ले लिया गया। यह घटना 1 दिसंबर को उस समय हुई, जब बबली कौर अपनी ग्रीन कार्ड आवेदन प्रक्रिया के अंतिम चरण के तहत बायोमेट्रिक स्कैन के लिए यूएस इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) कार्यालय पहुंची थीं।
बबली की बेटी ज्योति ने बताया कि उनकी मां ICE कार्यालय के फ्रंट डेस्क पर खड़ी थीं, तभी कई संघीय एजेंट अंदर आए और उन्हें एक कमरे में बुलाया गया। वहां उन्हें सूचित किया गया कि उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद कई घंटों तक परिवार को यह नहीं बताया गया कि बबली को कहां ले जाया गया है। बाद में पता चला कि उन्हें रातों-रात एडेलांटो डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया, जो पहले एक संघीय जेल थी और अब ICE का हिरासत केंद्र है। फिलहाल बबली कौर वहीं बंद हैं।
गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने अभी तक उनकी हिरासत के कारणों का खुलासा नहीं किया है। परिवार का कहना है कि बबली कौर के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बबली कौर 1994 से अमेरिका में रह रही हैं। शुरुआत में उनका परिवार कैलिफोर्निया के लगुना बीच में रहता था, बाद में काम के कारण वे लॉन्ग बीच के बेलमोंट शोर इलाके में बस गए। उनके तीन बच्चे हैं। उनकी 34 वर्षीय बड़ी बेटी ज्योति के पास DACA (डिफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) के तहत कानूनी परमिट है, जबकि उनका बेटा और दूसरी बेटी अमेरिकी नागरिक हैं।
परिवार ने बताया कि बबली की ग्रीन कार्ड पिटीशन पहले ही मंजूर हो चुकी है। यह पिटीशन उनकी अमेरिकी नागरिक बेटी और उनके पति, जिनके पास भी ग्रीन कार्ड है, द्वारा दायर की गई थी। इसके बावजूद उनकी अचानक हिरासत से परिवार गहरे सदमे में है। बबली और उनके पति ने करीब 20 वर्षों तक एक रेस्टोरेंट में काम किया है।
इस मामले में लॉन्ग बीच के डेमोक्रेटिक कांग्रेसमैन रॉबर्ट गार्सिया ने बबली कौर की तत्काल रिहाई की मांग की है। उनके कार्यालय ने कहा है कि वे इस मुद्दे पर संघीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। वहीं, बबली का परिवार कानूनी प्रक्रिया में जुटा हुआ है और उनकी जमानत के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कर रहा है।






