चंडीगढ़/पटियाला, 10 दिसंबर 2025: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पटियाला पुलिस की कथित वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले में सोमवार को बेहद अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने आदेश दिया है कि इस विवादित ऑडियो की फोरेंसिक जांच चंडीगढ़ स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से करवाई जाए। यह आदेश उस समय आया जब शिरोमणि अकाली दल ने पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाए, जिसमें बिना किसी तकनीकी जांच के ऑडियो को ‘फर्जी’ करार दिया गया था।
हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होने से ठीक पहले पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा को अचानक छुट्टी पर भेज दिया। उनकी जगह अब संगरूर के एसएसपी सरताज सिंह चहल को पटियाला का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। प्रशासनिक फेरबदल को मामले की गंभीरता और कोर्ट की सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने हाल ही में एक कॉन्फ्रेंस कॉल की रिकॉर्डिंग जारी की थी। उनका दावा था कि इसमें सुनी जाने वाली आवाज पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा की है, जो अपने डीएसपीज़ को निर्देश देते हुए कथित तौर पर अकाली उम्मीदवारों के नामांकन रोकने की बात कर रहे हैं।
कथित ऑडियो में यह भी कहा गया था कि उम्मीदवारों के कागजात खींचने, फाड़ने या दबाव बनाने जैसी कार्रवाई नामांकन केंद्रों पर नहीं बल्कि उनके घर, गांव या रास्ते में की जाए।
विवाद बढ़ने पर पटियाला पुलिस ने दावा किया था कि यह ऑडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया फर्जी वीडियो/ऑडियो है। लेकिन कोर्ट में अकाली दल ने यह चुनौती दी कि पुलिस बताए कि किस एजेंसी या लैब ने इसकी जांच की और किस आधार पर इसे फर्जी घोषित किया गया।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद चंडीगढ़ FSL की रिपोर्ट से ही यह साफ हो सकेगा कि ऑडियो असली है या नकली।






