ऑस्ट्रेलिया, 24 नवंबर 2025:
ऑस्ट्रेलिया की दक्षिणपंथी सीनटर पॉलीन हैनसन ने एक बार फिर देश की संसद में हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर बुरका प्रतिबंध की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए सोमवार को पूरा चेहरा ढकने वाला बुरका पहनकर सीनट में प्रवेश किया। उनके प्रवेश करते ही सदन में जोरदार विरोध शुरू हो गया।
विरोध का कारण
यह कदम उन्होंने सीनट द्वारा उन्हें बुरका प्रतिबंध विधेयक पेश करने की अनुमति देने से इनकार के विरोध में उठाया। हैनसन का दावा है कि बुरका और अन्य सभी चेहरे ढकने वाले वस्त्र “दमनकारी और महिला-विरोधी” हैं तथा इन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
यह दूसरी बार है जब हैनसन बुरका पहनकर संसद पहुँची हैं। पहली घटना 2017 में हुई थी।
सदन में हंगामा
जैसे ही हैनसन बुरका पहनकर सीनट में दाखिल हुईं, सदन में भारी हंगामा मच गया। विरोध इतना बढ़ गया कि सीनट की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। हैनसन ने प्रारंभ में बुरका हटाने से इनकार कर दिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
सख़्त निंदा
सत्तापक्ष और विपक्ष—दोनों ओर से कई प्रमुख सीनटरों ने हैनसन की हरकत की तीखी आलोचना की।
* मुस्लिम सीनटर मेहरीन फारूकी (ग्रीन्स पार्टी) ने इसे खुला नस्लवाद बताया।
* मुस्लिम सीनटर फातिमा पाइमन ने इस कदम को “शर्मनाक सियासी स्टंट” कहा।
* लेबर पार्टी की सीनट नेता पैनी वोंग ने कहा कि हैनसन सीनट की सदस्य बनने की योग्य नहीं हैं और उनकी मुअत्तली (निलंबन) के लिए प्रस्ताव भी पेश किया।
हैनसन का जवाब
विरोध के बावजूद पॉलीन हैनसन अपने रुख पर कायम रहीं। उन्होंने फेसबुक पर लिखा:“अगर संसद इस पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी, तो मैं इस दमनकारी, कट्टरपंथी और महिला-विरोधी परिधान को बार-बार पहनकर संसद आऊंगी… अगर आपको मेरा बुरका पहनना पसंद नहीं है, तो इस पर प्रतिबंध लगाइए!”
यह विवाद ऑस्ट्रेलिया में धार्मिक परिधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सुरक्षा एवं सांस्कृतिक मुद्दों पर नई बहस को फिर से तेज़ कर रहा है।






